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Rampur Bushahar News: एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश देने की याचिका को किया खारिज
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. शिकायकर्ताओं ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के पास दायर की थी पुनरीक्षण याचिका
. निचली अदालत के आदेश को रखा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एफआईआर दर्ज के लिए पुलिस को निर्देश देने की एक याचिका को खारिज कर दिया है। शिकायकताओं की अपील थी कि आनी पुलिस को अपहरण और मारपीट करने की एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। हालांकि, शिकायतकर्ता अदालत में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पर्याप्त सबूत अदालत में पेश नहीं कर पाए।
शिकायतकर्ताओं ने पहले यह याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आनी की अदालत में दायर की थी। अदालत ने पिछले साल दिसंबर में इस याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में याचिका को पुनरीक्षण के लिए दायर किया गया। याचिका के अनुसार 14 जुलाई 2021 को शिकायकर्ता युवक को छह व्यक्तियों ने बंधक बनाया और हमला किया। साथ ही प्रताड़ित किया गया। इस घटना के संबंध में पुलिस थाना आानी में एक आवेदन दायर किया गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और सामान्य डायरी प्रविष्टि की गई। दूसरी ओर, यह भी आरोप लगाया कि इस अपरहण और प्रताड़ना को उचित ठहराने के उद्देश्य से उन व्यक्तियों ने एक लड़की को उकसा कर शिकायकर्ता पर एफआईआर दर्ज कराई है।
पुननिरीक्षण याचिका पर अदालत ने निर्णय दिया है कि ट्रायल कोर्ट के सामने ऐसा कोई प्रथम दृष्टया सबूत नहीं था, जिसके आधार पर प्रस्तावित आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया जा सके। इसलिए, ट्रायल कोर्ट की ओर से पारित आदेश में कोई विकृति या गैर-कानूनी बात नजर नहीं आती है। फैसला याचिकाकर्ताओं के खिलाफ और प्रतिवादियों के पक्ष में किया जाता है। निष्कर्षों को देखते हुए, यह पुनरीक्षण याचिका असफल रहती है और इसे खारिज किया जाता है।
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. निचली अदालत के आदेश को रखा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एफआईआर दर्ज के लिए पुलिस को निर्देश देने की एक याचिका को खारिज कर दिया है। शिकायकताओं की अपील थी कि आनी पुलिस को अपहरण और मारपीट करने की एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। हालांकि, शिकायतकर्ता अदालत में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पर्याप्त सबूत अदालत में पेश नहीं कर पाए।
शिकायतकर्ताओं ने पहले यह याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आनी की अदालत में दायर की थी। अदालत ने पिछले साल दिसंबर में इस याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में याचिका को पुनरीक्षण के लिए दायर किया गया। याचिका के अनुसार 14 जुलाई 2021 को शिकायकर्ता युवक को छह व्यक्तियों ने बंधक बनाया और हमला किया। साथ ही प्रताड़ित किया गया। इस घटना के संबंध में पुलिस थाना आानी में एक आवेदन दायर किया गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और सामान्य डायरी प्रविष्टि की गई। दूसरी ओर, यह भी आरोप लगाया कि इस अपरहण और प्रताड़ना को उचित ठहराने के उद्देश्य से उन व्यक्तियों ने एक लड़की को उकसा कर शिकायकर्ता पर एफआईआर दर्ज कराई है।
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पुननिरीक्षण याचिका पर अदालत ने निर्णय दिया है कि ट्रायल कोर्ट के सामने ऐसा कोई प्रथम दृष्टया सबूत नहीं था, जिसके आधार पर प्रस्तावित आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया जा सके। इसलिए, ट्रायल कोर्ट की ओर से पारित आदेश में कोई विकृति या गैर-कानूनी बात नजर नहीं आती है। फैसला याचिकाकर्ताओं के खिलाफ और प्रतिवादियों के पक्ष में किया जाता है। निष्कर्षों को देखते हुए, यह पुनरीक्षण याचिका असफल रहती है और इसे खारिज किया जाता है।
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