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Rampur Bushahar News: श्रम कानून समाप्त कर लाए गए चार लेबर कोड मजदूरों को बना रहे गुलाम

Wed, 05 Aug 2026 11:36 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:36 PM IST
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People affected by the Luhri Project in Nitthar, Shamathla, and Delath have formulated a strategy
नित्थर में लूहरी परियोजना प्रभावित कमेटी की बैठक में मौजूद किसान मजदूर। संवाद
10 अगस्त को रामपुर में होगा जेल भरो आंदोलन
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नित्थर, शमाथला और देलठ में लूहरी परियोजना प्रभावित ने बनाई रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
देश में श्रम कानून समाप्त कर लाए गए चार श्रम कोड मजदूरों को गुलाम बना रहे हैं। इसके विरोध में 10 अगस्त को रामपुर में जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा। बुधवार को नित्थर, शमाथला और देलठ में हुई लूहरी परियोजना प्रभावित कमेटी की बैठक में आंदोलन को सफल बनाने और मजदूरों की मांगों पर चर्चा की गई। लूहरी हाइड्रो परियोजना प्रभावित कमेटी की बैठक बुधवार को नित्थर, शमाथला और देलठ में हुई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों के लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई और 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने के बारे में चर्चा हुई। बैठक को हिमाचल किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा, किसान सभा लूहरी हाइड्रो परियोजना प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद, प्रेम चौहान और कपिल ठाकुर ने कहा कि देश की सरकार लगातार किसान, मजदूर विरोधी नीतियों को लागू कर किसानों और मजदूरों को लूटने का काम कर रही है। एक और केंद्र सरकार अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर किसानों को तबाह करने का काम कर रही है, वहीं मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए श्रम कानूनों को खत्म कर चार श्रम कोड लाए गए हैं। इससे मजदूरों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा को समाप्त किया जाएगा। लूहरी परियोजना के किसानों की मांगें पूरी करने में भी सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम विफल रहे हैं। बार-बार समझौते और सहमति बनने के बाद भी बरकेली गांव, फाटी देहरा, बायल, गड़ेज में 2021-22 का फसल का मुआवजा नहीं दिया गया है। जिन परिवारों की परियोजना में जमीन लगी है। इनमें से भी 23 परिवार ऐसे हैं, जिनको आज तक एकमुश्त राशि नहीं मिली है। किसान सभा के साथ सहमति बनी थी कि ये राशि तुरंत दी जाएगी, लेकिन आज तक प्रभावित परिवारों को नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि पंचायत नित्थर, भूट्टी, करांगला, बड़ाच में मकानों में आईं दरारों का सर्वे होने पर भी मुआवजा नहीं दिया गया है, वहीं धूल से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया है। इससे किसानों में बहुत ही रोष है। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर निरंतर संघर्ष किया जा रहा है, जो आगे भी जारी रहेगा। संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक लंबित मांगों का समाधान नहीं होगा। इस मौके पर हरदयाल कपूर, काकू कश्यप, रीना देवी, इंदिरा, ममता, कमलेश, नीना, सरोजनी, रेखा, कपिल, निहाल, नरेश, ऋषि, वीरेंद्र, ओम प्रकाश, डाटा राम जिष्टू, मोहर सिंह, जगत सिंह, अंकुश, गीता, प्रकाश, अमी चंद, गुलाबी, कुंजी लाल, चमन सहित अन्य मौजूद रहे।
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