फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Owner of drug supplier acquitted in Drugs and Cosmetics Act case

Rampur Bushahar News: ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट मामले में दवा सप्लायर संस्था की मालकिन बरी

Fri, 11 Sep 2026 11:16 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:16 PM IST
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रोहड़ू में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में बिलासपुर की दवा सप्लायर संस्था और उसकी मालकिन को बरी कर दिया गया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि 25 जून 2021 को ड्रग्स इंस्पेक्टर रोहड़ू ने चिड़गांव में नृपेन बिस्वास की दुकान का निरीक्षण किया था। नृपेन बिस्वास कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस के एलोपैथिक दवाएं बेचते पाए गए थे। उनके पास से बिलासपुर की एक दवा सप्लायर संस्था की ओर जारी किए गए कुछ खरीद बिल भी कथित तौर पर बरामद हुए। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि दवा सप्लायर संस्था और उसकी मालकिन ने नृपेन बिस्वास को बिना लाइसेंस के दवाएं बेची थीं। मामले की सुनवाई के दौरान नृपेन बिस्वास का निधन हो गया था। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष नृपेन बिस्वास से कथित तौर पर बरामद बिलों को कानूनी रूप से स्थापित नहीं कर पाया। इन बिलों को ड्रग्स इंस्पेक्टर रोहड़ू के सामने पेश करते समय कोई मेमो या दस्तावेज तैयार नहीं किया गया था। बरामद दवाएं और कथित बिल आपस में मेल नहीं खाते थे। दवा सप्लायर संस्था के परिसर में ड्रग्स इंस्पेक्टर बिलासपुर की ओर से कथित सत्यापन के संबंध में भी कोई निरीक्षण मेमो या अन्य दस्तावेजी रिकॉर्ड नहीं था। अदालत ने कहा कि दवा सप्लायर संस्था को जारी किए गए नोटिसों की तामील का भी कोई संतोषजनक प्रमाण नहीं था। विशेष न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य में महत्वपूर्ण कड़ियों का अभाव था। नृपेन बिस्वास के खिलाफ लगाए गए आरोपों को दवा सप्लायर संस्था के खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इन कमियों के कारण अदालत ने दवा सप्लायर संस्था और उसकी मालकिन को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article