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Rampur Bushahar News: निरमंड अस्पताल में पर्ची पर शुल्क शुरू, चरमराईं स्वास्थ्य सुविधाएं
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निरमंड अस्पताल । संवाद
दो चिकित्सकों के हवाले अस्पताल, रेडियोलॉजिस्ट छुट्टी पर, एक्सरे बंद
बीएमओ समेत चिकित्सकों के सात पद पड़े रिक्त, स्टाफ की भी भारी कमी
निरमंड की 32 पंचायतों के ग्रामीण पहुंचते हैं उपचार करवाने
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड(कुल्लू)। सिविल अस्पताल निरमंड में बुधवार से पर्ची के लिए 10 रुपये का शुल्क शुरू हो गया, लेकिन बेहतर सुविधाओं के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में सिर्फ दो स्थायी चिकित्सक तैनात हैं। रेडियोलॉजिस्ट भी एक है। यदि वह छुट्टी चला जाए, तो एक्सरे सुविधा ठप हो जाती है। अब रेडियोलॉजिस्ट तीन दिन की छुट्टी पर है, तो मरीजों को एक्सरे की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें निजी क्लीनिक का रुख करना पड़ रहा है, जहां महंगे दाम पर एक्सरे करवाना पड़ रहा है। उपमंडल निरमंड की 32 पंचायतों के ग्रामीण अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस अस्पताल में चिकित्सकों के छह पद खाली है। अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। रोगी कल्याण समिति के निर्णय के बाद बुधवार से अस्पताल में मरीजों से पर्ची के लिए 10 रुपये का शुल्क शुरू हो गया है। वहीं, स्थानीय निवासी विकास शर्मा, विदेश निगम, धर्मपाल नेगी, जितेंद्र चौहान, योगेश और बबीता का कहना है कि पर्ची के लिए शुल्क देने को तैयार हैं, लेकिन अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी भी होनी चाहीए। रोजाना 150 ओपीडी वाले इस अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में चिकित्सक और अन्य स्टाफ के पद रिक्त पड़े हैं। इस कारण मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में बीएमओ समेत छह चिकित्सकों और कई महत्वपूर्ण पद खाली चल रहे हैं। एक डेंटल मेडिकल ऑफिसर का पद भी कई साल से खाली पड़ा है। स्टाफ नर्स के पांच में से तीन पद और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भी पांच में से 4 पद खाली चल रहे हैं। रोजाना सैकड़ों मरीजों की ओपीडी के अलावा पोस्टमार्टम, एमएलसी मामलों को निपटाने में अस्पताल में तैनात दो चिकित्सकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों ने हजारों लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं को देखते हुए अस्पताल में रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने की मांग उठाई है ताकि मरीजों को रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ के चक्कर न लगाने पड़े।
अस्पताल के रिक्त पदों की रिपोर्ट समय-समय पर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। उम्मीद है कि रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां होंगी। -डॉ. प्रदीप, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी निरमंड
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बीएमओ समेत चिकित्सकों के सात पद पड़े रिक्त, स्टाफ की भी भारी कमी
निरमंड की 32 पंचायतों के ग्रामीण पहुंचते हैं उपचार करवाने
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड(कुल्लू)। सिविल अस्पताल निरमंड में बुधवार से पर्ची के लिए 10 रुपये का शुल्क शुरू हो गया, लेकिन बेहतर सुविधाओं के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में सिर्फ दो स्थायी चिकित्सक तैनात हैं। रेडियोलॉजिस्ट भी एक है। यदि वह छुट्टी चला जाए, तो एक्सरे सुविधा ठप हो जाती है। अब रेडियोलॉजिस्ट तीन दिन की छुट्टी पर है, तो मरीजों को एक्सरे की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें निजी क्लीनिक का रुख करना पड़ रहा है, जहां महंगे दाम पर एक्सरे करवाना पड़ रहा है। उपमंडल निरमंड की 32 पंचायतों के ग्रामीण अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस अस्पताल में चिकित्सकों के छह पद खाली है। अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। रोगी कल्याण समिति के निर्णय के बाद बुधवार से अस्पताल में मरीजों से पर्ची के लिए 10 रुपये का शुल्क शुरू हो गया है। वहीं, स्थानीय निवासी विकास शर्मा, विदेश निगम, धर्मपाल नेगी, जितेंद्र चौहान, योगेश और बबीता का कहना है कि पर्ची के लिए शुल्क देने को तैयार हैं, लेकिन अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी भी होनी चाहीए। रोजाना 150 ओपीडी वाले इस अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में चिकित्सक और अन्य स्टाफ के पद रिक्त पड़े हैं। इस कारण मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में बीएमओ समेत छह चिकित्सकों और कई महत्वपूर्ण पद खाली चल रहे हैं। एक डेंटल मेडिकल ऑफिसर का पद भी कई साल से खाली पड़ा है। स्टाफ नर्स के पांच में से तीन पद और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भी पांच में से 4 पद खाली चल रहे हैं। रोजाना सैकड़ों मरीजों की ओपीडी के अलावा पोस्टमार्टम, एमएलसी मामलों को निपटाने में अस्पताल में तैनात दो चिकित्सकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों ने हजारों लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं को देखते हुए अस्पताल में रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने की मांग उठाई है ताकि मरीजों को रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ के चक्कर न लगाने पड़े।
अस्पताल के रिक्त पदों की रिपोर्ट समय-समय पर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। उम्मीद है कि रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां होंगी। -डॉ. प्रदीप, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी निरमंड
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