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Rampur Bushahar News: सेब के बगीचों में नहीं रुक रहा माइट का संक्रमण

Sun, 08 Jun 2025 11:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jun 2025 11:47 PM IST
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विशेषज्ञों की सलाह- बार-बार एक दवाई का छिड़काव नहीं रहेगा कारगर
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संवाद न्यूज एजेंसी

रोहड़ू। सेब के बगीचों में माइट का संक्रमण नहीं थम रहा है, जिससे बागवान चिंतित हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बगीचों में लगातार नजर रखें और माइट की रोकथाम के लिए समय पर दवाइयों का छिड़काव करें। यदि नियंत्रण नहीं हो रहा है, तो दोबारा उसी दवाई का छिड़काव न करें। अधिक गर्मी और नमी वाले स्थानों में माइट के संक्रमण का अधिक खतरा है। बागवान एक बार संक्रमण के रोकथाम के लिए दवाइयों का छिड़काव कर चुके हैं। अब दोबारा सप्ताह के भीतर संक्रमण फैलने की सूचनाएं मिल हैं। दोबारा माइट की संख्या में बढ़ोतरी शुरू हो रही है। प्रगतिशील बागवान सुरेंद्र चौहान का कहना है कि पंद्रह दिन पहले बगीचे में माइट शुरू हो गया था। इसके रोकथाम के लिए छिड़काव किया गया। अब दोबारा माइट की संख्या पत्तों पर बढ़ती नजर आ रही है। सरस्वती नगर पंचायत के बागवान अशोक ने बताया कि माइट की दवाई के एक ड्रम स्प्रे पर सात-आठ सौ से पंद्रह सौ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी संक्रमण नहीं थम रहा। यदि संक्रमण नहीं रोका गया, तो पूरे बगीचे में पत्ते खराब होने का खतरा है, इसलिए अब दोबारा दवाइयों के छिड़काव की जरूरत है।
ये है माइट
विशेषज्ञों के अनुसार, माइट एक सूक्ष्म मकड़ी है, जो सेब की पत्तियों पर अपनी संख्या का प्रसार करती है। अंडों से निकलने वाली सूक्ष्म मकड़ी पौधों के पत्तों के नीचे के हरे भाग को चाट लेती है, जिससे उनमें हरापन कम हो जाता है और फल व पौधे को नुकसान पहुंचता है। इससे सेब का आकार भी नहीं बढ़ता है और समय से पहले पत्ते खराब होकर गिरने शुरू हो जाते हैं।
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संक्रमण की आ रही सूचनाएं
कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ ने कहा कि जिन बगीचों में बागवानों ने मई में सुंडी की रोकथाम के लिए कीटनाशक का अधिक प्रयोग किया, वहां इसके लक्षण अधिक नजर आ रहे हैं। माइट के संक्रमण की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। जहां एक स्प्रे के बाद माइट नियंत्रित नहीं हो रहा है, वहां पर दोबारा उसी दवाई का छिड़काव न करें। बागवान लगातार सेब के बगीचे में नजर रखें, यदि एक पत्ते के नीचे छह-सात से अधिक मकड़ी नजर आए, तो विशेषज्ञ की सलाह पर दूसरी दवाई का रोकथाम के लिए छिड़काव करें।
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