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Rampur Bushahar News: मिड-डे मील कर्मियों को मिले 12 हजार प्रतिमाह वेतन, पहली तारीख को हो भुगतान

Fri, 18 Apr 2025 11:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Apr 2025 11:47 PM IST
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Meeting of mid-day meal workers, meeting in Rampur, Shimla
मिड डे मील वर्करज़ यूनियन संबं​धित सीटू की ब्लॉक इकाई ननखडी में बैठक के दौरान चर्चा करते हुए।
कर्मियों की विभिन्न मांगों को लेकर यूनियन 20 को करेगी प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। मिड-डे मील कर्मियों ने प्रदेश सरकार से 12 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन और हर महीने की पहली तारीख को उसका भुगतान करने की मांग उठाई है। साथ ही कर्मियों ने आंगनबाड़ी की तर्ज पर एक वर्ष में बीस छुट्टियां और दो वर्दी देने की भी मांग की है। यूनियन ने चुनाव के समय पोलिंग पार्टी को खाना बनाने का कार्य न करवाने और महिला कर्मचारियों की तर्ज पर रक्षाबंधन, करवाचौथ और भाई दूज की वेतन सहित छुट्टियां देने की मांग की है। मिड-डे मील कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर 20 मई को हड़ताल करेंगे। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू इकाई ननखड़ी की बैठक यूनियन अध्यक्ष कुशल्या की अध्यक्षता में नीरथ में हुई।

बैठक में सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, यूनियन अध्यक्ष कौशल्या और महासचिव कलावती ने कहा कि मिड-डे मील वर्करों की मांगों और केंद्र सरकार की विरोधी नीतियों के खिलाफ 20 मई को एक दिवसीय देशव्यापी आम हड़ताल में मिड-डे मील वर्कर शामिल होंगे। प्रदेश में कार्यरत 21 हजार मिड-डे मील कर्मियों की स्थिति बेहद दयनीय है। इनके लिए मात्र 4500 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जो कई-कई महीनों तक नहीं मिलता। समय पर वेतन न मिलने से इन कर्मियों को अपना जीवनयापन करना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के बाद भी मिड-डे मील कर्मियों को 10 महीने के बजाय 12 महीने का वेतन नहीं दे रही। सरकार ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देकर मिड-डे मील वर्कर्स विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। कर्मियों को साल में एक भी छुट्टी नहीं दी जाती है और जरूरी कार्य पर अपनी जगह रिलीवर भेजना पड़ता है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के लिखित आदेशों के बावजूद मिड-डे मील कर्मियों से किचन गार्डन, झाड़ियां काटने, साफ-सफाई, पानी की टंकियां साफ करवाने सहित अन्य कार्य करवाए जा रहे हैं। इसके एवज में उन्हें अतिरिक्त भुगतान भी नहीं होता। उन्होंने प्रदेश सरकार से न्यायालय की ओर से जारी आदेशों को लागू करने, बंद होने वाले स्कूलों में कार्यरत मिड-डे मील कर्मियों को भी अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर अनिवार्य तौर पर अन्य नजदीकी स्कूलों में समायोजित करने, पहली तारीख को वेतन का भुगतान करने और न्यूनतम वेतन 12 हजार रुपये देने की मांग की है। इस मौके पर जीत राम, अंजली मेहता, सीता, नरोत्तमा, किरना, निर्मला देवी, फूला देवी, रीता, शकता, गौरा, कमला, हीरा, किरता, कलावती, गंगा देवी, सोधा देवी, सीता और राम सिंह अन्य मौजूद रहे। - संवाद
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