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Rampur Bushahar News: चौपाल में बर्फबारी के बाद पटरी पर नहीं लौटा जनजीवन
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निगम की चार बसें फंसीं, 10 रूट बंद
बिजली आपूर्ति नहीं होने से पेयजल संकट भी बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। चौपाल और कुपवी उपमंडलों में पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद कई इलाकों में जनजीवन अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। दुर्गम इलाकों में सड़कों के आंशिक रूप से बंद रहने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से परिवहन और पेयजल सेवाएं प्रभावित हैं। हालात ये हैं कि परिवहन निगम की कुछ बसें अब भी कई स्थानों पर फंसी हैं। इसके अलावा कई उठाऊ पेयजल योजनाएं बिजली के अभाव में बंद हैं।
नेरवा बस अड्डा प्रभारी रोशन गजटा ने बताया कि रास्ते बंद होने के कारण नेरवा डिपो की चार बसें अभी भी झीना, थूंदल, समताड़ा और माटल क्षेत्रों में फंसी हैं। इन मार्गों पर बर्फ हटाने और सड़क बहाली का कार्य धीमी गति से चलने के कारण बसों को सुरक्षित निकालना संभव नहीं हो पाया है। राहत की बात यह है कि कुपवी-देइया मार्ग सोमवार को खुल जाने से एक सप्ताह से अधिक समय से कुपवी में खड़ी बसें नेरवा पहुंच गई हैं। इसके बावजूद अभी भी करीब दस रूटों पर बस सेवाएं बहाल नहीं हो सकी हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जल शक्ति मंडल नेरवा के अधिशासी अभियंता रजनीश वर्मा ने बताया कि सभी प्रवाह आधारित पेयजल योजनाओं को चालू कर दिया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बौहर-सुनारली, भमनौल-कराटी, टेलर और सरी उठाऊ पेयजल योजनाएं बंद हैं। इससे इन इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है और लोगों को वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़कों की शीघ्र बहाली, फंसी बसों को सुरक्षित निकालने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि परिवहन और पेयजल सेवाएं जल्द सामान्य हो सकें।
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बिजली आपूर्ति नहीं होने से पेयजल संकट भी बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। चौपाल और कुपवी उपमंडलों में पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद कई इलाकों में जनजीवन अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। दुर्गम इलाकों में सड़कों के आंशिक रूप से बंद रहने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से परिवहन और पेयजल सेवाएं प्रभावित हैं। हालात ये हैं कि परिवहन निगम की कुछ बसें अब भी कई स्थानों पर फंसी हैं। इसके अलावा कई उठाऊ पेयजल योजनाएं बिजली के अभाव में बंद हैं।
नेरवा बस अड्डा प्रभारी रोशन गजटा ने बताया कि रास्ते बंद होने के कारण नेरवा डिपो की चार बसें अभी भी झीना, थूंदल, समताड़ा और माटल क्षेत्रों में फंसी हैं। इन मार्गों पर बर्फ हटाने और सड़क बहाली का कार्य धीमी गति से चलने के कारण बसों को सुरक्षित निकालना संभव नहीं हो पाया है। राहत की बात यह है कि कुपवी-देइया मार्ग सोमवार को खुल जाने से एक सप्ताह से अधिक समय से कुपवी में खड़ी बसें नेरवा पहुंच गई हैं। इसके बावजूद अभी भी करीब दस रूटों पर बस सेवाएं बहाल नहीं हो सकी हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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जल शक्ति मंडल नेरवा के अधिशासी अभियंता रजनीश वर्मा ने बताया कि सभी प्रवाह आधारित पेयजल योजनाओं को चालू कर दिया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बौहर-सुनारली, भमनौल-कराटी, टेलर और सरी उठाऊ पेयजल योजनाएं बंद हैं। इससे इन इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है और लोगों को वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़कों की शीघ्र बहाली, फंसी बसों को सुरक्षित निकालने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि परिवहन और पेयजल सेवाएं जल्द सामान्य हो सकें।
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