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Rampur Bushahar News: लवी मेले में कल से 3 नवंबर तक होगी अश्व प्रदर्शनी
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लवी मेले में एक से तीन नवंबर तक होगी अश्व प्रदर्शनी
. पाटबंगला मैदान में दिखेंगी घोड़ों की उत्कृष्ट नस्लें
. पशुपालकों को वैज्ञानिक प्रबंधन की दी जाएगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के उपलक्ष्य में रामपुर के पाटबंगला मैदान में एक से तीन नवंबर तक तीन दिवसीय अश्व प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। पशुपालन विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी में हिमाचल सहित आसपास के क्षेत्रों के घोड़ा पालक, प्रजनक और अश्व प्रेमी भाग लेंगे। प्रदर्शनी में विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट नस्ल के घोड़ों का प्रदर्शन किया जाएगा।
अश्व प्रदर्शनी लवी मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इसके माध्यम से हिमाचल की पारंपरिक अश्व संस्कृति, घोड़ा पालन की प्राचीन परंपराओं और उत्कृष्ट नस्लों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही घोड़ा पालकों को अपने अनुभव और पारंपरिक पशुपालन ज्ञान को साझा करने का अवसर मिलेगा।
रामपुर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में घोड़ों का ऐतिहासिक महत्व रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन, व्यापार, कृषि और ग्रामीण आजीविका में घोड़ों की अहम भूमिका रही है। लवी मेले के साथ आयोजित होने वाली अश्व प्रदर्शनी इस ऐतिहासिक व्यापारिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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पशु चिकित्सक डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान पशुपालन विभाग की ओर से घोड़ा पालकों को वैज्ञानिक अश्व प्रबंधन, संतुलित पोषण, उन्नत प्रजनन पद्धतियों, पशु स्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्थानीय अश्व नस्लों के संरक्षण और पारंपरिक घोड़ा पालन पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य अश्व प्रदर्शनी को केवल घोड़ों के प्रदर्शन तक सीमित न रखकर हिमाचल की पारंपरिक अश्व विरासत के संरक्षण और संवर्धन का मंच बनाना है, ताकि युवा पीढ़ी भी इस परंपरा से जुड़ सके। पशुपालन विभाग ने घोड़ा पालकों, किसानों, पशुपालकों और आम जनता से प्रदर्शनी में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
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. पाटबंगला मैदान में दिखेंगी घोड़ों की उत्कृष्ट नस्लें
. पशुपालकों को वैज्ञानिक प्रबंधन की दी जाएगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के उपलक्ष्य में रामपुर के पाटबंगला मैदान में एक से तीन नवंबर तक तीन दिवसीय अश्व प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। पशुपालन विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी में हिमाचल सहित आसपास के क्षेत्रों के घोड़ा पालक, प्रजनक और अश्व प्रेमी भाग लेंगे। प्रदर्शनी में विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट नस्ल के घोड़ों का प्रदर्शन किया जाएगा।
अश्व प्रदर्शनी लवी मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इसके माध्यम से हिमाचल की पारंपरिक अश्व संस्कृति, घोड़ा पालन की प्राचीन परंपराओं और उत्कृष्ट नस्लों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही घोड़ा पालकों को अपने अनुभव और पारंपरिक पशुपालन ज्ञान को साझा करने का अवसर मिलेगा।
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रामपुर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में घोड़ों का ऐतिहासिक महत्व रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन, व्यापार, कृषि और ग्रामीण आजीविका में घोड़ों की अहम भूमिका रही है। लवी मेले के साथ आयोजित होने वाली अश्व प्रदर्शनी इस ऐतिहासिक व्यापारिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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पशु चिकित्सक डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान पशुपालन विभाग की ओर से घोड़ा पालकों को वैज्ञानिक अश्व प्रबंधन, संतुलित पोषण, उन्नत प्रजनन पद्धतियों, पशु स्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्थानीय अश्व नस्लों के संरक्षण और पारंपरिक घोड़ा पालन पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य अश्व प्रदर्शनी को केवल घोड़ों के प्रदर्शन तक सीमित न रखकर हिमाचल की पारंपरिक अश्व विरासत के संरक्षण और संवर्धन का मंच बनाना है, ताकि युवा पीढ़ी भी इस परंपरा से जुड़ सके। पशुपालन विभाग ने घोड़ा पालकों, किसानों, पशुपालकों और आम जनता से प्रदर्शनी में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।