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Rampur Bushahar News: बेदखली और मकानों की तालाबंद के खिलाफ होगा मार्च टू विधानसभा
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निरमंड में किसान सभा की बेैठक में मौजूद विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान और अन्य लोग । संवाद
निरमंड में किसान सभा ने बैठक कर बनाई रणनीति, कहा-बेदखली से कई परिवार बेघर और भूमिहीन
किसान सभा ने प्रदेश सरकार से नीति बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। हिमाचल किसान सभा एवं सेब उत्पादक संघ की संयुक्त बैठक पंचायत समिति हॉल निरमंड में हुई। बैठक में 20 मार्च को शिमला में किसानों की कब्जे की जमीन से बेदखली और मकानों में तालाबंदी के खिलाफ होने वाले मार्च टू विधानसभा को लेकर चर्चा की और रणनीति बनाई। बैठक में हिमाचल किसान सभा राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद, सेब उत्पादक संघ के महासचिव पूर्ण ठाकुर और हेमराज विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में डाॅ. ओंकार शाद ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में उच्च न्यायालय के आदेश पर किसानों की कब्जे की जमीन से बेदखली की जा रही हैं। इसमें ज्यादातर वे परिवार हैं, जो बहुत ही गरीब है और जिनके पास बहुत ही कम भूमि है। इस बेदखली से कई परिवार बेघर हो रहे हैं और उनके पास भूमि भी नहीं है। इस कारण लोगों में सरकार के प्रति रोष है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए।
विपक्ष भी इस मुद्दे पर चुप है, जबकि इनकी ही सरकार ने वर्ष 2002 में जमीन के नियमितीकरण के लिए किसानों से आवेदन मांगे थे। आज जब उन्हीं किसानों की बेदखल हो रही है, तो विपक्ष भी चुप बैठा है। इससे जनता के सामने पक्ष और विपक्ष का असली चेहरा सामने आ गया है, जोकि पूरी तरह से गरीब विरोधी है। बैठक में तय किया कि निरमंड से रैली में सैकड़ों की संख्या में भाग लेंगे। इसमें मुख्य मांग किसानों की जमीन से बेदखली को रोको, मकानों में तालाबंदी करना बंद करो, जमीन का उचित मुआवजा दो, आपदा में जिन परिवारों की जमीन बह गई, उनको जमीन के बदले जमीन दो रहेगी। बैठक में दुर्गा सिंह, अवस्थी, प्रेम, परमिंदर, कबीर, अनुराज, सीता देवी, इंदिरा, पूर्वा देवी, राम सिंह, दीप कुमार, नेहरू लाल, ब्रिज लाल और गोपाल मौजूद रहे।
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किसान सभा ने प्रदेश सरकार से नीति बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। हिमाचल किसान सभा एवं सेब उत्पादक संघ की संयुक्त बैठक पंचायत समिति हॉल निरमंड में हुई। बैठक में 20 मार्च को शिमला में किसानों की कब्जे की जमीन से बेदखली और मकानों में तालाबंदी के खिलाफ होने वाले मार्च टू विधानसभा को लेकर चर्चा की और रणनीति बनाई। बैठक में हिमाचल किसान सभा राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद, सेब उत्पादक संघ के महासचिव पूर्ण ठाकुर और हेमराज विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में डाॅ. ओंकार शाद ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में उच्च न्यायालय के आदेश पर किसानों की कब्जे की जमीन से बेदखली की जा रही हैं। इसमें ज्यादातर वे परिवार हैं, जो बहुत ही गरीब है और जिनके पास बहुत ही कम भूमि है। इस बेदखली से कई परिवार बेघर हो रहे हैं और उनके पास भूमि भी नहीं है। इस कारण लोगों में सरकार के प्रति रोष है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए।
विपक्ष भी इस मुद्दे पर चुप है, जबकि इनकी ही सरकार ने वर्ष 2002 में जमीन के नियमितीकरण के लिए किसानों से आवेदन मांगे थे। आज जब उन्हीं किसानों की बेदखल हो रही है, तो विपक्ष भी चुप बैठा है। इससे जनता के सामने पक्ष और विपक्ष का असली चेहरा सामने आ गया है, जोकि पूरी तरह से गरीब विरोधी है। बैठक में तय किया कि निरमंड से रैली में सैकड़ों की संख्या में भाग लेंगे। इसमें मुख्य मांग किसानों की जमीन से बेदखली को रोको, मकानों में तालाबंदी करना बंद करो, जमीन का उचित मुआवजा दो, आपदा में जिन परिवारों की जमीन बह गई, उनको जमीन के बदले जमीन दो रहेगी। बैठक में दुर्गा सिंह, अवस्थी, प्रेम, परमिंदर, कबीर, अनुराज, सीता देवी, इंदिरा, पूर्वा देवी, राम सिंह, दीप कुमार, नेहरू लाल, ब्रिज लाल और गोपाल मौजूद रहे।
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