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काफनू में 70 दिनों से हड़ताल पर परियोजना से निकाले कामगार
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काफनू में 70 दिन से हड़ताल पर डटे रमेश हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट के कर्मचारी
- फोटो : RAMPUR-HP
भावानगर (किन्नौर)। जनजातीय जिले की भावावैली काफनू में निर्माणाधीन 24.7 मेगावाट पनचोर रमेश हाइड्रो पावन प्राइवेट लिमिटेड में काम से निकाले गए कर्मचारियों की हड़ताल 70 दिन से जारी है। हैरानी है कि आज तक प्रशासन और परियोजना प्रबंधन ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की है।
परियोजना प्रबंधन ने कर्मचारियों को 31 मई 2021 को बिना जानकारी हटा दिया था। इसके बाद से कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं। रोषजदा 36 कामगारों ने चेताया है कि जब तक उन्हें काम पर वापस नहीं रखा जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। परियोजना से निकाले गए कर्मचारियों ने कहा कि परियोजना में कार्य संपन्न होते ही उन्हें बगैर सूचित किए नौकरी से निकाल दिया गया।
इसके बाद कामगारों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन, एसडीएम भावानगर और परियोजना प्रबंधन के अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखने की मांग की। मगर कर्मचारियों की मांगें जस की तस हैं। करीब 36 मजदूर अपने अधिकारों की लड़ाई बीते 11 नवंबर 2021 से लड़ रहे हैं। 70 दिनों से ये कर्मचारी हड़ताल पर डटे हैं।
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कर्मचारी अध्यक्ष रतिराम नेगी, विनीत कुमार नेगी, जगजीवन नेगी, सत्य प्रकाश नेगी, रमेश कुमार नेगी, राम सिंह नेगी, लचा राम नेगी, स्नेह प्रभा नेगी, रानू नेगी, कविता नेगी, पदम नेगी, आदर्श नेगी, सतेंद्र नेगी, रविंद्र नेगी और जय सिंह नेगी सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि निजी कंपनी ने उन्हें बगैर बताए कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया है, जो अन्याय है। उन्होंने चेताया कि जब तक परियोजना से निकाले गए कर्मियों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो परियोजना प्रबंधन के खिलाफ उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
रमेश हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के प्रबंधक चमन ठाकुर ने बताया कि समस्या के समाधान को लेकर परियोजना के उच्चाधिकारियों और जिला प्रशासन की बातचीत चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मामले में कोई अच्छी पहल होगी।
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परियोजना प्रबंधन ने कर्मचारियों को 31 मई 2021 को बिना जानकारी हटा दिया था। इसके बाद से कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं। रोषजदा 36 कामगारों ने चेताया है कि जब तक उन्हें काम पर वापस नहीं रखा जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। परियोजना से निकाले गए कर्मचारियों ने कहा कि परियोजना में कार्य संपन्न होते ही उन्हें बगैर सूचित किए नौकरी से निकाल दिया गया।
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इसके बाद कामगारों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन, एसडीएम भावानगर और परियोजना प्रबंधन के अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखने की मांग की। मगर कर्मचारियों की मांगें जस की तस हैं। करीब 36 मजदूर अपने अधिकारों की लड़ाई बीते 11 नवंबर 2021 से लड़ रहे हैं। 70 दिनों से ये कर्मचारी हड़ताल पर डटे हैं।
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कर्मचारी अध्यक्ष रतिराम नेगी, विनीत कुमार नेगी, जगजीवन नेगी, सत्य प्रकाश नेगी, रमेश कुमार नेगी, राम सिंह नेगी, लचा राम नेगी, स्नेह प्रभा नेगी, रानू नेगी, कविता नेगी, पदम नेगी, आदर्श नेगी, सतेंद्र नेगी, रविंद्र नेगी और जय सिंह नेगी सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि निजी कंपनी ने उन्हें बगैर बताए कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया है, जो अन्याय है। उन्होंने चेताया कि जब तक परियोजना से निकाले गए कर्मियों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो परियोजना प्रबंधन के खिलाफ उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
रमेश हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के प्रबंधक चमन ठाकुर ने बताया कि समस्या के समाधान को लेकर परियोजना के उच्चाधिकारियों और जिला प्रशासन की बातचीत चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मामले में कोई अच्छी पहल होगी।