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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Ishta Devta in 6 months after assuming the throne, Badri Vishal has a coronation, Bushahr princely state has a relationship with Kamru village for centuries, the doors of Kamru temple will remain closed for three days

कामरू गांव से बुशहर रियासत का सदियों से रहा नाता

Fri, 09 Jul 2021 07:36 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 07:36 PM IST
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रामपुर बुशहर/सांगला। प्रदेश की 6 बार कमान संभाल चुके पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का सांगला वैली स्थित कामरू मंदिर से गहरा नाता है। इतिहास में दर्ज अभिलेख के मुताबिक राजा वीरभद्र सिंह ने कृष्ण वंश के 122वें राजा के रूप में बुशहर रियासत की राजगद्दी संभाली, जबकि इससे पूर्व किन्नौर जिले का कामरू गांव कृष्ण वंश के राजाओं की रियासत हुआ करती थी। रामपुर रियासत की नींव वीरभद्र सिंह के दादा राजा केहर सिंह ने 16वीं शताब्दी में रखी थी। हालांकि कामरू गांव से आज भी राज परिवार का गहरा संबंध है।
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गौर हो कि वीरभद्र सिंह बुशहर रियासत के अंतिम शासक के रूप 122 वें शासक रहे। सांगला वैली में ऐतिहसीक गांव कामरू से बुशहर रियासत का नाता सदियों से जुड़ा है, जिसका जीता जागता प्रमाण कामरू गांव का ऐतिहासिक किला है। इस ऐतिहासिक किले से राज परिवार का गहरा संबंध है। कामरू रियासत के साथ-साथ जब राज्य का क्षेत्रफल बढ़ता गया तो वीरभद्र सिंह के पूर्वजों ने कामरू गांव से आकर शिमला जिले के (शोणितपुर) सराहन और रामपुर के राजदबार स्थापित किए गए। राजसी परंपरा के मुताबिक बुशहर रियासत के नवनियुक्त राजा का जब भी राजतिलक किया जाता था तो राजा को 6 माह के भीतर कामरू गांव में आकर ईष्ट देवता श्री बद्री विशाल जी के समक्ष राजतिलक होना अनिवार्य रहता था। यदि किसी कारणवश राजा छह माह तक मंदिर में अपनी हाजिरी नहीं भर पाते थे तो उनसे राजतिलक की परंपरा अधूरी जाती रह जाती थी। यही नहीं बुशहर रियासत की शाही मोहर और राजगद्दी में भी ईष्ट देवता श्री बद्री विशाल जी की तस्वीर और नाम साफ अंकित है।
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देवता श्री बद्री विशाल के मोतमीन पीतांबर सिंह नेगी, भीष्म सिंह ठाकुर, कायथ राजेंद्र सिंह नेगी, माथास विद्यालाल नेगी, तीर्थ राम नेगी, माली गंभीर चंद नेगी, पुजारी निर्भय सिंह नेगी, पूर्व प्रधान कामरू विक्रम सिंह नेगी ने बताया कि राजा वीरभद्र सिंह बुशहर रियासत के अंतिम शासक रहे। वीरभद्र सिंह के निधन पर मंदिर कमेटी के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिन तक कामरू देवता मंदिर में पूजा-अर्चना बंद रहेगी। इससे पूर्व स्वर्गीय राजा पद्म देव के निधन पर भी किन्नौर जिले में तीन दिनों तक लोगों ने शोक व्यक्त किया था।
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