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Rampur Bushahar News: नेरवा में डायरिया, वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के बढ़े मामले
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. पंजीकरण खिड़की और ओपीडी के बाहर लगी रही लंबी कतारें
लोग खान-पान में न बरतें लापरवाही: डॉ. प्रेम
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। नेरवा और आसपास की पंचायतों में तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। दूषित पानी के कारण डायरिया (दस्त), वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के मामले बढ़े हैं। नागरिक अस्पताल नेरवा में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सामान्य दिनों में ओपीडी का आंकड़ा 150 से 200 के करीब रहता था, वह अब दोगुना होकर 350 से 400 के पार पहुंच गया है। सुबह होते ही पंजीकरण खिड़की और ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इनमें सबसे अधिक मामले डायरिया (दस्त), वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल नेरवा के चिकित्सा अधिकारी डाॅक्टर प्रेम चौहान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से विशेष एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। डाॅक्टर चौहान ने कहा कि बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) कमजोर पड़ जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वर्तमान में डायरिया और वायरल के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए लोगों को खान-पान में जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बाहर के कटे हुए फल, खुला खाना या बासी भोजन बिल्कुल न खाएं। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लिए हाथों को बार-बार साबुन से धोएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। लोग केवल उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें। यदि बुखार या दस्त की समस्या बढ़ती है, तो घर पर इलाज करने के बजाय अस्पताल आएं।
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लोग खान-पान में न बरतें लापरवाही: डॉ. प्रेम
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। नेरवा और आसपास की पंचायतों में तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। दूषित पानी के कारण डायरिया (दस्त), वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के मामले बढ़े हैं। नागरिक अस्पताल नेरवा में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सामान्य दिनों में ओपीडी का आंकड़ा 150 से 200 के करीब रहता था, वह अब दोगुना होकर 350 से 400 के पार पहुंच गया है। सुबह होते ही पंजीकरण खिड़की और ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इनमें सबसे अधिक मामले डायरिया (दस्त), वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल नेरवा के चिकित्सा अधिकारी डाॅक्टर प्रेम चौहान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से विशेष एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। डाॅक्टर चौहान ने कहा कि बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) कमजोर पड़ जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वर्तमान में डायरिया और वायरल के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए लोगों को खान-पान में जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बाहर के कटे हुए फल, खुला खाना या बासी भोजन बिल्कुल न खाएं। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लिए हाथों को बार-बार साबुन से धोएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। लोग केवल उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें। यदि बुखार या दस्त की समस्या बढ़ती है, तो घर पर इलाज करने के बजाय अस्पताल आएं।