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Rampur Bushahar News: मांझगांव के ब्रह्मभोज में सैकड़ों लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण
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मांझगांव में जाई भांजों के स्वागत के लिए खड़ी कमेटी। संवाद
1600 जाई भांजों का भव्य स्वागत
लोगों ने देवी-देवताओं से लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी(रामपुर बुशहर)। सराहन के मांझगांव के श्री लक्ष्मीनारायण झांगरू देवता मंदिर में सैकड़ों लोगों ने ब्रह्मभोज में भाग लिया। सुबह करीब 9 बजे जाई भांजों का स्थानीय देवता और मंदिर कमेटी सदस्यों की ओर से भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर 18 अप्रैल से मंदिर में चल रहे गायत्री पाठ का पूर्णाहुति के साथ समापन किया गया। लक्ष्मी नारायण झांगरू देवता के साथ देवता दत्त महाराज बसाहरा, लक्ष्मी नारायण मझेवली, सिंहासिनी माता त्यावल और कुंद्रा नाग कुन्नी पांच दिनों से सवा लाख गायत्री पाठ यज्ञ में विराजमान थे।
बुधवार को पूर्णाहुति के बाद सभी देवी-देवता अपने-अपने रथों में आरुढ़ हुए। इसके उपरांत दूर-दूर से आए ब्राह्मणों और जाई भांजों को भोजन करवाया गया। इसके बाद आम जनता के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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श्रद्धालुओं ने आयोजन में उपस्थित सभी देवी-देवताओं से आशीर्वाद लिया। मंदिर कमेटी के प्रधान जय सिंह मेहता ने बताया कि ब्रह्मभोज में करीब 1600 जाई भांजों और सैकड़ों ब्राह्मणों सहित पंचगांव क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि नए मंदिर की प्रतिष्ठा में किसी प्रकार की कमी या त्रुटि को दूर करने के उद्देश्य से इस तरह का आयोजन किया जाता है। इसमें जाई भांजों और ब्राह्मणों को विशेष रूप से आमंत्रित कर भोजन करवाया जाता है।
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लोगों ने देवी-देवताओं से लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी(रामपुर बुशहर)। सराहन के मांझगांव के श्री लक्ष्मीनारायण झांगरू देवता मंदिर में सैकड़ों लोगों ने ब्रह्मभोज में भाग लिया। सुबह करीब 9 बजे जाई भांजों का स्थानीय देवता और मंदिर कमेटी सदस्यों की ओर से भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर 18 अप्रैल से मंदिर में चल रहे गायत्री पाठ का पूर्णाहुति के साथ समापन किया गया। लक्ष्मी नारायण झांगरू देवता के साथ देवता दत्त महाराज बसाहरा, लक्ष्मी नारायण मझेवली, सिंहासिनी माता त्यावल और कुंद्रा नाग कुन्नी पांच दिनों से सवा लाख गायत्री पाठ यज्ञ में विराजमान थे।
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बुधवार को पूर्णाहुति के बाद सभी देवी-देवता अपने-अपने रथों में आरुढ़ हुए। इसके उपरांत दूर-दूर से आए ब्राह्मणों और जाई भांजों को भोजन करवाया गया। इसके बाद आम जनता के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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श्रद्धालुओं ने आयोजन में उपस्थित सभी देवी-देवताओं से आशीर्वाद लिया। मंदिर कमेटी के प्रधान जय सिंह मेहता ने बताया कि ब्रह्मभोज में करीब 1600 जाई भांजों और सैकड़ों ब्राह्मणों सहित पंचगांव क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि नए मंदिर की प्रतिष्ठा में किसी प्रकार की कमी या त्रुटि को दूर करने के उद्देश्य से इस तरह का आयोजन किया जाता है। इसमें जाई भांजों और ब्राह्मणों को विशेष रूप से आमंत्रित कर भोजन करवाया जाता है।