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Rampur Bushahar News: अल्टरनेरिया छीन रहा पत्तों से हरापन, खतरे में सेब की लाली

Thu, 03 Jul 2025 11:53 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:53 PM IST
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Horticulture department advised gardeners to manage plants properly
सेब के पत्तों को अल्टरनेरिया रोग से बचावे के लिए बागवान करें उचित प्रबंधन। स्रोत : जागरूक पाठक
बागवानी विभाग ने बागवानों को पौधों के उचित प्रबंधन की दी सलाह
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अधिक नमी वाले क्षेत्रों में उचित प्रबंधन न होने से फैलता है रोग

रोग से पत्तों को बचाने के लिए हेक्साकोनाजोल और जीनेब के घोल का करें छिड़काव
सुभाष सेन

रामपुर बुशहर। रामपुर और ननखड़ी तहसील के सेब बहुल क्षेत्रों में सेब के पौधों में अल्टरनेरिया रोग की समस्या बढ़ रही है। अल्टरनेरिया पत्तों से हरापन छीन रहा है, जिससे सेब की लाली पर खतरा बढ़ गया है। मई के अंत और जून की शुरुआत में सेब के पौधों में अल्टरनेरिया रोग का खतरा बढ़ जाता है। यह एक कवक (फंगस) है, जो सेब के पौधों में लगने वाले विभिन्न रोगों का कारण बन सकता है। इसका समय पर रोकथाम नहीं किया गया, तो यह रोग एक से दूसरे पौधों में फैल सकता है। बागवानी विभाग ने बागवानों को बगीचों का उचित प्रबंधन करने की हिदायत दी है। सेब के पौधों में यह रोग फैल रहा हो, तो हेक्साकोनाजोल और जीनेब का मिश्रण कर इसके घोल का छिड़काव देने की सलाह दी है। साथ ही कहा कि बागवान पत्ते में पानी या नमी समाप्त होने के बाद ही छिड़काव करें।
बागवान इन दिनों अल्टरनेरिया रोग की समस्या से चिंतित हैं। अल्टरनेरिया एक तरह से सेब के पत्तों से जुड़ा रोग है, जो पहले पत्ते में धब्बे के तौर पर आता है और धीरे-धीरे पत्तों में सड़न और झुलसा रोग पैदा करता है। पत्तियों पर भूरे या काले धब्बे छल्लों के रूप में दिखाई दें, तो यह अल्टरनेरिया के लक्षण हैं। इससे पत्तियों का पीला पड़ना और गिरना शुरू हो जाता है। ऐसे में पत्तों के झड़ने के कारण सही तरीके से प्रकाश संशलेषण प्रक्रिया सही तरीके से नहीं हो पाती है और इस रोग के साथ पौधों में अन्य रोगों के लगने की आशंका बढ़ जाती है। यह रोग एक पौधे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह साथ लगते पौधों और साथ लगते बगीचों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। इस रोग की प्रारंभिक चरण में रोकथाम जरूरी है। यह रोग उन बगीचों में अधिक फैलता है, जिन बगीचों का प्रबंधन सही तरीके से नहीं हुआ हो। बरसात से पहले यह रोग सेब के पौधों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर देता है। इस रोग के कारण सेब के उत्पादन और पौधों का विकास भी प्रभावित होता है। इस रोग से सेब के कलर और आकार पर भी असर पड़ता है। ---संवाद
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अल्टरनेरिया रोग से बचने लिए सेब के पौधों का उचित प्रबंधन जरूरी है। सेब पौधों के पत्तों में भूरे धब्बे आने पर बागवान हेक्साकोनाजोल 100 मिली लीटर और 600 ग्राम जीनेब का मिश्रण तैयार कर 200 लीटर पानी में घोलकर इसका छिड़काव कर सकते हैं। रोग से बचाव के लिए सेब बगीचों का उचित प्रबंधन जरूरी है। छिड़काव करते समय बागवान मास्क, हाथों में ग्लब्स और आंखों पर चश्म लगाकर रखें। - संजय चौहान, विषयवाद विशेषज्ञ, बागवानी विभाग रामपुर
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