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Rampur Bushahar News: खपरौन, क्यारी, खेड़ा गांव में घरों और बगीचों को भारी नुकसान
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चौपाल के खपरौन गांव में भूस्खलन से तबाह हुआ सेब का बगीचा
प्रभावित ग्रामीणों ने उठाई मुआवजा देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल की माटल पंचायत के गांव खपरौना, क्यारी और खेड़ा में भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। प्राकृतिक आपदा से लोगों के घरों, खेतों और बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई परिवार प्रभावित हुए हैं और कई परिवार खतरे के साये में जी रहे हैं। भारी बारिश से जगदीश चंद्र, सीताराम, सालिग राम, जोगिंदर सिंह, संतराम, धनीराम और महेंद्र सिंह के सेब के बगीचे नष्ट हो गए हैं। भूस्खलन से किरपा राम, सीताराम, सालिगराम, कमाल चंद, मोहन लाल, लोकेंद्र सिंह, कमल सिंह, संत राम, जोगिंदर सिंह, नारायण सिंह और महेंद्र सिंह के मकान खतरे की जद में हैं। भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में सेब के बगीचे पूरी तरह तबाह हो गए हैं। सेब से लदे सैकड़ों पौधे मिट्टी में दब गए हैं, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत और आय पूरी तरह बर्बाद हो गई है। प्रभावित लोगों का कहना है कि सालभर की कमाई मिट्टी में समा गई है। अब परिवारों के सामने राशन का भी संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तुरंत सर्वे कर राहत और मुआवजा उपलब्ध करवाया जाए। माटल और बमटा पंचायत को जोड़ने वाला मार्ग सात दिन से बंद है। वहीं, खपरौना गांव का संपर्क मार्ग भी टूट गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल की माटल पंचायत के गांव खपरौना, क्यारी और खेड़ा में भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। प्राकृतिक आपदा से लोगों के घरों, खेतों और बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई परिवार प्रभावित हुए हैं और कई परिवार खतरे के साये में जी रहे हैं। भारी बारिश से जगदीश चंद्र, सीताराम, सालिग राम, जोगिंदर सिंह, संतराम, धनीराम और महेंद्र सिंह के सेब के बगीचे नष्ट हो गए हैं। भूस्खलन से किरपा राम, सीताराम, सालिगराम, कमाल चंद, मोहन लाल, लोकेंद्र सिंह, कमल सिंह, संत राम, जोगिंदर सिंह, नारायण सिंह और महेंद्र सिंह के मकान खतरे की जद में हैं। भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में सेब के बगीचे पूरी तरह तबाह हो गए हैं। सेब से लदे सैकड़ों पौधे मिट्टी में दब गए हैं, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत और आय पूरी तरह बर्बाद हो गई है। प्रभावित लोगों का कहना है कि सालभर की कमाई मिट्टी में समा गई है। अब परिवारों के सामने राशन का भी संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तुरंत सर्वे कर राहत और मुआवजा उपलब्ध करवाया जाए। माटल और बमटा पंचायत को जोड़ने वाला मार्ग सात दिन से बंद है। वहीं, खपरौना गांव का संपर्क मार्ग भी टूट गया है।