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Rampur Bushahar News: ओलावृष्टि से रोहड़ू में बागवानी को भारी नुकसान
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एंटी हेलनेट टूटे, सेब की फसल तबाह, पेड़ों की टहनियां भी टूटीं
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू उपमंडल की खंगटोडी, सीमा, रंटाड़ी समेत छह पंचायतों के कई गांवों में बुधवार देर शाम हुई तेज ओलावृष्टि और अंधड़ ने बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई बगीचों में लगाए गए एंटी हेलनेट तेज हवा और ओलों की मार से फट गए हैं और कई जगह पूरी तरह टूट गए हैं। बागवानों के अनुसार, इस समय सेब की फसल बेहद संवेदनशील अवस्था में है। ओलावृष्टि के कारण सेब के पेड़ों पर लगे छोटे फल झड़ गए हैं। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां भी टूट गईं, जिससे आगामी सीजन की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। प्रभावित पंचायतों में किसानों-बागवानों में भारी चिंता है। बागवान सुरेंद्र ठाकुर, विरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर एंटी हेलनेट लगाए थे ताकि फसल को प्राकृतिक आपदाओं से बचाया जा सके, लेकिन इस बार मौसम का कहर इतना तेज था कि सुरक्षा जाल भी नहीं टिक सके। ग्रामीणों ने प्रशासन और बागवानी विभाग से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। बागवानी विभाग के एसएमसी अश्वनी चौहान ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया जाएगा। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू उपमंडल की खंगटोडी, सीमा, रंटाड़ी समेत छह पंचायतों के कई गांवों में बुधवार देर शाम हुई तेज ओलावृष्टि और अंधड़ ने बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई बगीचों में लगाए गए एंटी हेलनेट तेज हवा और ओलों की मार से फट गए हैं और कई जगह पूरी तरह टूट गए हैं। बागवानों के अनुसार, इस समय सेब की फसल बेहद संवेदनशील अवस्था में है। ओलावृष्टि के कारण सेब के पेड़ों पर लगे छोटे फल झड़ गए हैं। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां भी टूट गईं, जिससे आगामी सीजन की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। प्रभावित पंचायतों में किसानों-बागवानों में भारी चिंता है। बागवान सुरेंद्र ठाकुर, विरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर एंटी हेलनेट लगाए थे ताकि फसल को प्राकृतिक आपदाओं से बचाया जा सके, लेकिन इस बार मौसम का कहर इतना तेज था कि सुरक्षा जाल भी नहीं टिक सके। ग्रामीणों ने प्रशासन और बागवानी विभाग से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। बागवानी विभाग के एसएमसी अश्वनी चौहान ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया जाएगा। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।