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Rampur Bushahar News: रामपुर क्षेत्र में पालतू पशुओं को जबरन गोसदन में छोड़ रहे लोग

Wed, 12 Jun 2024 11:20 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2024 11:20 PM IST
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Geeta Mahima Gaushala, have also given complaint to the police department, Rampur Bushahr
रामपुर क्षेत्र में पालतू पशुओं को लोग जबरन रख रहे है गौसदन
गीता महिमा गोशाला के संचालकों ने सख्त कार्रवाई करने की उठाई है मांग, पुलिस विभाग को भी दे चुके हैं ज्ञापन
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। पालतू पशुओं को जबरन गोसदनों और गोशालाओं में छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ गोशाला संचालकों ने सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है। गोसदन संचालकों का कहना है कि साधन संपन्न लोग गोशालाओं पर दबाव बनाकर जबरन अपने पालतू पशुओं को गोशालाओं में छोड़ रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम 11 ए के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई कर समस्या निदान की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लग सके। गीता महिमा गोशाला एवं गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र नोगली, दत्तनगर और भद्राश के संचालकों ने बताया कि पिछले कुछ समय से लोग उनकी गोशालाओ में जबरन अपने पालतू पशुओं को छोड़ रहे हैं। गोशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों के मना करने पर उनकी एक नही सुनी जा रही है, जिससे इस सूखे के मौसम में पशुओं को चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि अगर इस तरह पशु छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में पालतू पशुओं को जबरन गोशाला में छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ जाएगी।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक शिमला की ओर से जारी 29 अप्रैल के निर्देश में लोगों के पालतू पशुओं को गोसदनों में बिलकुल न रखने के हिदायत है। निर्देशों में कहा गया है कि बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए गोसदन संचालकों को गोसेवा आयोग की ओर से मदद की जा रही है, अगर पालतू पशुओं को आश्रय दिया गया तो मदद बंद कर दी जाएगी। क्षेत्र में कुछ साधन संपन्न लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जबरन अपने गायों को नकारा होने पर गोशालाओं में छोड़ रहे हैं। ऐसे पशुओं को न रखने के लिए निवेदन करने पर ऐसे लोग दुर्व्यवहार पर भी उतर रहे हैं। इससे गोसदनों में काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है।
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पंचायती राज विभाग से कार्रवाई की मांग
गीता महिमा गाेशाला एवं गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र नोगली के महासचिव राम सिंह नेगी, उपाध्यक्ष उमा दत्त, कोषाध्यक्ष रोशन चौधरी ने बताया कि पहले ही गोशालाओं का संचालन करना आर्थिक तंगी के कारण काफी मुश्किल हो रहा है। इस सूखे मौसम मे चारे की कमी से परेशानियां हो रही हैं, लेकिन कुछ लोग अपने पालतू पशुओं को गोशाला में जबरन छोड़ रहे हैं। इस मामले में लिखित शिकायत पुलिस से भी की गई है। अब पंचायती राज विभाग को भी लिखा गया है कि खंड विकास कार्यालयों को निर्देश दें कि पंचायतें पंचायती राज अधिनियम 11 ए का ईमानदारी से पालन करें। उन्होंने बताया कि 2 जून को आनी उपमंडल के दलाश के अंतर्गत एक व्यक्ति ने अपनी जर्सी गाय को जबरन दत्तनगर गोशाला छोड़ा है। इसी तरह कुम्सु के व्यक्ति ने भी नोगली गोशाला में अपनी गाय छोड़ी है। इस बारे में गोसदन संचालकों ने पुलिस से भी लिखित शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। गीता महिमा गोशाला संचालको ने मांग की है ऐसे लोगों के खिलाफ पंचायती राज विभाग कार्रवाई करें और उन्हें दंडित कर करें। पशु शालाओ में छोड़े गए पशुओं को वापस तुरंत पशु मालिक को सौँपा जाए। गोशाला संचालकों ने इस बारे में शिकायत निदेशक पशुपालन व निर्देशक पंचायती राज को भी की है।
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