फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Forest Department Inspection, Shahdhar Panchayat, Shimla, Rampur Bushahr

Rampur Bushahar News: मवेशियों को जंगली जानवराें से बचाने के लिए गोशालाओं की मजबूती जरूरी

Mon, 18 Nov 2024 11:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2024 11:42 PM IST
विज्ञापन
वन विभाग के निरीक्षण में आया सामने, अधिकतर घटनाओं में कमजोर गोशालाओं को तोड़कर अंदर घुसा भालू
विज्ञापन

सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर की शाहधार पंचायत में तीन माह से भालू का आतंक बना हुआ है। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है और शीत निद्रा में जाने से पूर्व भालू रिहायशी इलाकों में आकर मवेशियाें को अपना शिकार बना रहे हैं। भालुओं के अधिकतर हमलों में गोशालाओं का कमजोर होना गया है। यदि गोशालाएं मजबूत हों और उसमें सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता इंतजाम हो, तो मवेशियों को बचाया जा सकता है। खासकर, जंगलों के साथ लगते इलाकों में बनी गोशालाओं का आधारभूत ढांचा मजबूत होना जरूरी है। गौर हो कि तीन माह से शाहधार पंचायत के ग्रामीण भालू की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणाें का सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वन विभाग ने जब मौके का निरीक्षण किया, तो पाया कि भालू ने उन गोशालाओं को तोड़ डाला जो अधिक सुरक्षित नहीं हैं। खासकर, गोशालाओं के दरवाजे कमजोर होने के कारण भालू इन्हें तोड़कर अंदर घुसने में कामयाब हुआ है। यदि गोशालाओं का निर्माण मजबूती से किया जाता है, तो अधिकतर घटनाओं में पशुओं को बचाया जा सकता था। ग्रामीण क्षेत्रों में गोशालाओं के निर्माण में मजबूती नहीं बरती जाती है। इस कारण भालू इन्हें तोड़कर गोशालाओं में घुसने में कामयाब हो जाता है। वन विभाग के मुताबिक, यदि पक्की गोशालाओं का निर्माण किया जाए। खासकर, गोशाला के दरवाजे और खिड़कियों को मजबूत रखना जरूरी है, ताकि भालू आसानी से गोशाला में न घुस पाए। सरकार और ग्रामीणाें को इस ओर ध्यान देने की जरूरी है। यदि पक्की गोशालाओं का निर्माण किया जाए, तो जंगली जानवराें से पशुओं को बचाया जा सकता है। सरकार को मनरेगा या फिर अन्य योजनाओं के तहत पक्की गोशालाओं का निर्माण किया जाना चाहिए। बताते चलें कि रामपुर की शाहधार पंचायत में तीन माह में मादा भालू ने 20 गाय को मौत के घाट उतार दिया, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। ग्रामीण घराें से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। ऐसे में जहां लोगाें को सावधानी बरतना जरूरी है, वहीं वन विभाग द्वारा जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशाें की अनुपालना करना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। - संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed