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Rampur Bushahar News: रोहड़ू में प्रत्याशियों की खींचतान से कांग्रेस का ढहा किला, भाजपा को मिली संजीवनी
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जिला परिषद के हर वार्ड पर कई कांग्रेस समर्थित थे प्रत्याशी आमने-सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले रोहड़ू में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की आपसी खींचतान ने भाजपा के लिए चुनाव में संजीवनी का काम किया। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की चुनाव लड़ने की होड़ से कांग्रेस का किला ढह गया। परिणामस्वरूप, भाजपा को रोहड़ू के पांच जिला परिषद वार्डों से तीन वार्डों में जीत मिली। भाजपा ने जिला परिषद चुनाव के लिए सभी वार्डों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हुए थे, ताकि भाजपा समर्थित कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में न आए। भाजपा कैडर का वोट बैंक भी घोषित प्रत्याशी को आसानी से मिल सके। चुनाव में भाजपा ने पूरी योजना के साथ काम किया। इसके विपरीत कांग्रेस समर्थित लोगों में चुनाव लड़ने की होड़ लगी रही। रोहड़ू में मंडल स्तर पर कांग्रेस पार्टी ने भी पंचायतीराज चुनावों में कोई रुचि नहीं दिखाई। जिला परिषद चुनाव में हर वार्ड पर आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस समर्थित लोग आमने-सामने थे। इसका खामियाजा कांग्रेस को जिला परिषद की तीन सीटों को गंवा कर चुकाना पड़ा। वहीं, जिला परिषद की तीन सीटें जीतकर भाजपा ने सत्ता का सेमीफाइनल जीत लिया है। भाजपा इस जीत को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले रोहड़ू में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की आपसी खींचतान ने भाजपा के लिए चुनाव में संजीवनी का काम किया। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की चुनाव लड़ने की होड़ से कांग्रेस का किला ढह गया। परिणामस्वरूप, भाजपा को रोहड़ू के पांच जिला परिषद वार्डों से तीन वार्डों में जीत मिली। भाजपा ने जिला परिषद चुनाव के लिए सभी वार्डों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हुए थे, ताकि भाजपा समर्थित कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में न आए। भाजपा कैडर का वोट बैंक भी घोषित प्रत्याशी को आसानी से मिल सके। चुनाव में भाजपा ने पूरी योजना के साथ काम किया। इसके विपरीत कांग्रेस समर्थित लोगों में चुनाव लड़ने की होड़ लगी रही। रोहड़ू में मंडल स्तर पर कांग्रेस पार्टी ने भी पंचायतीराज चुनावों में कोई रुचि नहीं दिखाई। जिला परिषद चुनाव में हर वार्ड पर आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस समर्थित लोग आमने-सामने थे। इसका खामियाजा कांग्रेस को जिला परिषद की तीन सीटों को गंवा कर चुकाना पड़ा। वहीं, जिला परिषद की तीन सीटें जीतकर भाजपा ने सत्ता का सेमीफाइनल जीत लिया है। भाजपा इस जीत को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रही है।