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कटिंग के कार्य से चंबी-देहा मार्ग, लोग परेशान
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चौपाल देहा मार्ग पर फंसी रही परिवहन निगम की बस
- फोटो : RAMPUR-HP
नेरवा (रोहडूू़)। चंबी-देहा मार्ग को चौड़ा करने के लिए चल रहा कटिंग का कार्य लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है। कटिंग के कार्य के कारण यहां आए दिन देवदार के पेड़ गिर रहे हैं, जिससे लोगों को यहां घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।
इसमें सेब सीजन की गाड़ियों से लेकर मरीजों को शिमला लाने वाली एंबुलेंस भी शामिल हैं। पेड़ों के गिरने से नेरवा और चौपाल को बिजली की आपूर्ति करने वाली लाइन भी बार-बार टूट रही है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले एक हफ्ते में ही चंबी से देहा के बीच आठ किलोमीटर लंबे मार्ग पर आधा दर्जन से ज्यादा देवदार के पेड़ गिर चुके है।
मंगलवार सुबह करीब 9:15 बजे देवदार का एक पेड़ गिरने से जहां चौपाल-शिमला मुख्य मार्ग अवरुद्ध गया। इसके साथ में चौपाल और नेरवा में चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे पहले रविवार शाम करीब 4:45 बजे देवदार का पेड़ के गिरने से चौपाल-शिमला मार्ग बंद हो गया था। इससे सड़क के दोनों तरफ करीब दो सौ वाहन घंटों फंसे रहे। सड़क के अवरुद्ध होने से एक तरफ तो सैकड़ों लोगों को परेशानी उठानी पड़ी वहीं एंबुलेंस वाहन भी फंस गया।
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एंबुलेंस फंसने के बाद भी सड़क बंद होने पर लोक निर्माण विभाग ने मार्ग को खोलने के लिए डेढ़ घंटे तक कोई प्रयास नहीं किया। लोगों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया तो जवाब मिला कि मार्ग को खोलने के लिए झीना से जेसीबी मशीन मंगवाई गई है। बाद में देहा थाना से एएसआई रोशन लाल और फॉरेस्ट गार्ड गीताराम लेबर और कट्टर लेकर मौके पर पहुंचे और मार्ग को बहाल करवाया।
हैरानी की बात है कि सेब सीजन के दौरान पेड़ गिरने की वजह से बार-बार बंद हो रहे हैं मार्ग को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। दो साल पूर्व लोक निर्माण विभाग ने मार्ग पर चंबी से देहा तक आठ किलोमीर तक मार्ग को चौड़ा करने के नाम पर खुदाई की गई थी। इस वजह से सड़क के किनारे सैकड़ों पेड़ों की जड़ें खोखली हो चुकी हैं। बरसात होने पर पानी का रिसाव होने से देवदार के पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं।
इसके साथ ही क्षेत्र की बिजली भी कई घंटे तक गुल हो रही है। बागवानों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की कि देहा और चंबी के बीच बार-बार गिर रहे पेड़ों को हटाने के लिए चंबी और देहा में जेसीबी मशीनें और कटर तैनात किए जाएं। जब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता चौपाल से बात करने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया तो वह उपलब्ध नहीं हो पाए।
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इसमें सेब सीजन की गाड़ियों से लेकर मरीजों को शिमला लाने वाली एंबुलेंस भी शामिल हैं। पेड़ों के गिरने से नेरवा और चौपाल को बिजली की आपूर्ति करने वाली लाइन भी बार-बार टूट रही है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले एक हफ्ते में ही चंबी से देहा के बीच आठ किलोमीटर लंबे मार्ग पर आधा दर्जन से ज्यादा देवदार के पेड़ गिर चुके है।
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मंगलवार सुबह करीब 9:15 बजे देवदार का एक पेड़ गिरने से जहां चौपाल-शिमला मुख्य मार्ग अवरुद्ध गया। इसके साथ में चौपाल और नेरवा में चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे पहले रविवार शाम करीब 4:45 बजे देवदार का पेड़ के गिरने से चौपाल-शिमला मार्ग बंद हो गया था। इससे सड़क के दोनों तरफ करीब दो सौ वाहन घंटों फंसे रहे। सड़क के अवरुद्ध होने से एक तरफ तो सैकड़ों लोगों को परेशानी उठानी पड़ी वहीं एंबुलेंस वाहन भी फंस गया।
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एंबुलेंस फंसने के बाद भी सड़क बंद होने पर लोक निर्माण विभाग ने मार्ग को खोलने के लिए डेढ़ घंटे तक कोई प्रयास नहीं किया। लोगों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया तो जवाब मिला कि मार्ग को खोलने के लिए झीना से जेसीबी मशीन मंगवाई गई है। बाद में देहा थाना से एएसआई रोशन लाल और फॉरेस्ट गार्ड गीताराम लेबर और कट्टर लेकर मौके पर पहुंचे और मार्ग को बहाल करवाया।
हैरानी की बात है कि सेब सीजन के दौरान पेड़ गिरने की वजह से बार-बार बंद हो रहे हैं मार्ग को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। दो साल पूर्व लोक निर्माण विभाग ने मार्ग पर चंबी से देहा तक आठ किलोमीर तक मार्ग को चौड़ा करने के नाम पर खुदाई की गई थी। इस वजह से सड़क के किनारे सैकड़ों पेड़ों की जड़ें खोखली हो चुकी हैं। बरसात होने पर पानी का रिसाव होने से देवदार के पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं।
इसके साथ ही क्षेत्र की बिजली भी कई घंटे तक गुल हो रही है। बागवानों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की कि देहा और चंबी के बीच बार-बार गिर रहे पेड़ों को हटाने के लिए चंबी और देहा में जेसीबी मशीनें और कटर तैनात किए जाएं। जब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता चौपाल से बात करने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया तो वह उपलब्ध नहीं हो पाए।