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Rampur Bushahar News: पंद्राड़ा और पौड़ीया में जर्जर पैदल पुल से हादसे का खतरा

Sat, 11 Oct 2025 11:17 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Oct 2025 11:17 PM IST
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Danger of accidents due to dilapidated footbridge in Pandrada and Pauriya
पंद्राड़ा और पौड़ीया में पांच दशक पुराने पैदल पुल
सरकार, प्रशासन की अनदेखी कहीं ग्रामीणाें पर न पड़ जाए भारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़़ू)। चौपाल की पंद्राड़ा और पौड़ीया पंचायत के ग्रामीण पांच साल से जर्जर पैदल पुल से आवाजाही करने को मजबूर हैं। इस पुल पर हादसे का अंदेशा बना रहता है। सरकार, प्रशासन और पंचायतों की अनदेखी से ग्रामीण खतरे के साये में पुल से गुजर रहे हैं। इस पुल पर लगे लकड़ी के फट्टे सड़ चुके हैं। लोगों के लिए खड्ड को पार करने के लिए इस जर्जर पुल के अलावा विकल्प भी नहीं है। पहला पुल पंद्राड़ा पंचायत का है, जो पौड़िया पंचायत को जोड़ता है। दूसरा पुल पौड़िया पंचायत को बमटा पंचायत से जोड़ता है, जो दुर्गम और सीमा पर अंतिम गांव है। दोनों पुलों से स्कूली बच्चे और ग्रामीण रोजाना आवाजाही करते हैं। बारिश के दौरान इन पुलों को पार नहीं किया जा सकता है। कई बार दोनों पंचायतों में यह मुद्दे उठाए गए, लेकिन निराशा ही हाथ लगी है। इस विषय को लेकर विकास खंड चौपाल को भी कई बार अवगत तो कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। पौड़ीया पंचायत के प्रधान तपेंद्र मोहन शर्मा, पंद्राड़ा के पंचायत प्रधान सतीश चौहान, पूर्व पंचायत समिति सदस्य दिनेश गजटा सहित सभी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द पुल का निर्माण किया जाए ताकि उन्हें आवागमन में आसानी हो सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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