{"_id":"6a5b8553a10e1f97390fd187","slug":"cultural-heritage-showcased-through-folk-dances-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1033-165074-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: लोकनृत्यों से दिखाई सांस्कृतिक विरासत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: लोकनृत्यों से दिखाई सांस्कृतिक विरासत
विज्ञापन
केंद्रीय विद्यालय कोटखाई में आयोजित सांस्कृतिक प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थी। संवाद
केंद्रीय विद्यालय कोटखाई में
अंतर सदनीय लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। केंद्रीय विद्यालय कोटखाई में भारतीय संस्कृति, कला और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को अंतर सदनीय लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या शिवानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को लोकनृत्यों के माध्यम से जीवंत किया। शक्ति सदन ने केरल का प्रसिद्ध कथकली, त्याग सदन ने पंजाब का जोशीला भांगड़ा, आदर्श सदन ने हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक नाटी और रक्षा सदन ने राजस्थान का मनमोहक घूमर नृत्य प्रस्तुत किया। सभी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, मधुर संगीत और आकर्षक मंच सज्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन नृत्य शैली, तालमेल, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और मंच प्रस्तुति के आधार पर किया। प्राचार्या शिवानी ने प्रतिभागियों और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंतर सदनीय लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। केंद्रीय विद्यालय कोटखाई में भारतीय संस्कृति, कला और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को अंतर सदनीय लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या शिवानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को लोकनृत्यों के माध्यम से जीवंत किया। शक्ति सदन ने केरल का प्रसिद्ध कथकली, त्याग सदन ने पंजाब का जोशीला भांगड़ा, आदर्श सदन ने हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक नाटी और रक्षा सदन ने राजस्थान का मनमोहक घूमर नृत्य प्रस्तुत किया। सभी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
विज्ञापन
रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, मधुर संगीत और आकर्षक मंच सज्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन नृत्य शैली, तालमेल, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और मंच प्रस्तुति के आधार पर किया। प्राचार्या शिवानी ने प्रतिभागियों और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं।
विज्ञापन