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Rampur Bushahar News: आनी में को-एजुकेशन और सीबीएसई संबद्धता का किया स्वागत

Wed, 18 Feb 2026 11:13 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 11:13 PM IST
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Co-education and CBSE affiliation welcomed in Aani
कन्या स्कूल आनी में एसएमसी की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत : स्कूल प्रबंधन
कन्या स्कूल में दो में से एक स्कूल को सीबीएसई बनाने का रखा प्रस्ताव
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संवाद न्यूज एजेंसी

आनी (कुल्लू)। उपमंडल आनी की कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी में विद्यालय प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता एसएमसी अध्यक्ष चमन शर्मा ने की। प्रधानाचार्य डॉ. जवाहर ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सभी अध्यापकों और एसएमसी सदस्यों ने कई मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में चमन शर्मा ने क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के लिए को-एजुकेशन व्यवस्था और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्धता का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने बताया कि आनी के पीएमश्री स्कूल को सीबीएसई से जोड़ने के लिए विद्यालय की वर्तमान आधारभूत संरचना, उपलब्ध कक्षाएं और प्रस्तावित छात्र संख्या के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार प्राथमिक स्तर प्री-प्राइमरी से कक्षा पांचवी तक आठ कक्षाओं के माध्यम से लगभग 240 विद्यार्थियों को समायोजित किया जा सकता है। माध्यमिक स्तर कक्षा 6 से 8 में छह सेक्शन के तहत करीब 210 विद्यार्थियों और उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्तर कक्षा 9 से 12वीं में 14 सेक्शन के माध्यम से लगभग 560 विद्यार्थियों को शिक्षा देने की योजना है। पीएमश्री विद्यालय में उपलब्ध कुल 23 कक्षाओं में से कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई के लिए 20 कक्षाओं को पर्याप्त बताए गया, जिससे विद्यालय आधारभूत संरचना की दृष्टि से पूरी तरह सक्षम माना गया।बैठक के दौरान चमन शर्मा ने विद्यार्थियों के हित में एक संतुलित व्यवस्था का सुझाव देते हुए कहा कि आनी क्षेत्र की एक पाठशाला को सीबीएसई से संबद्ध किया जाए, जबकि दूसरी पाठशाला को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत रखा जाना चाहिए। इससे सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि सीमित सीटों पर पहले आओ, पहले पाओ की व्यवस्था से कई विद्यार्थी वंचित रह सकते हैं, जिन्हें 12 से 28 किलोमीटर दूर शवाड, कुंगश, च्वाई या दलाश जैसे क्षेत्रों में पढ़ने के लिए जाना पड़ेगा, जो गरीब व दूरदराज के विद्यार्थियों के लिए कठिन होगा। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और क्षेत्र में शैक्षणिक संतुलन बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया।
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