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Rampur Bushahar News: बटसेरी में बोल मेले से किया वसंत ऋतु का स्वागत
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किन्नौर जिले के बटसेरी गांव में आयोजित बोल मेला के दौरान पारंपरिक भेषभूषा पहना कर तलवार नृत्य क
मंदिर प्रांगण में एकत्रित होकर ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर किया तलवार नृत्य
देवता बद्री नारायण और देवता विष्णु नारायण के सानिध्य में मनाया मेला
पर्व को लेकर बच्चों, युवा और बुजुर्गों में दिखा खासा उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले की सांगला वैली में इन दिनों बोल मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मेले के जरिये ग्रामीण वसंत ऋतु का स्वागत करते हैं। तहसील के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में इस मेले को मनाया जाता है। यह विशेष पर्व विषु के बाद आरंभ होता है। इस पर्व को ग्रामीण अपने ईष्ट देवताओं के आदेशों के मुताबिक अलग-अलग समय निर्धारित कर मनाते हैं। मंगलवार को सांगला तहसील के आदर्श गांव बटरोरी में इस विशेष पर्व को देवता बद्री नारायण और देवता विष्णु नारायण के सानिध्य में मनाया गया। देवताओं के आदेशानुसार बोल पर्व के लिए मंगलवार का दिन निर्धारित किया गया था। तलवार बाजी में महारथ रखने वाले एक दर्जन से अधिक ग्रामीण मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर तलवार नृत्य करते हुए परंपरा का निर्वहन किया। सभी तलवार नृत्य करने वाले लोगों का अंतिम बार नृत्य देवताओं के उपस्थिति में होता है। पर्व के अंत में गांव की सुख-शांति व समृद्धि के लिए देवता विष्णु नारायण जी के साथ गांव के चारों और भ्रमण भी किया। मोतमीन मनोज लोक्टस, माथास तुलसी राम नेगी, पुजारी योग सागर बिलेंटू, माली महावीर बिलेंद्र, कायथ गौतम जिंटू ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बोल पर्व धूमधाम से मनाया गया। पर्व को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा।
ये है मान्यता
सांगला वैली में इन दिनों बोल पर्व मनाया जा रहा है। इस विशेष पर्व को मंगलवार या शनिवार को मनाया जाना शुभ माना जाता है। पर्व के दिन सुबह से ही गांव के लोग पूजा-पाठ कर पर्व की तैयारियों में जुट जाते है। ग्रामीण सुबह जंगलों से देवदार के टहनियों को घरों के मुख्य द्वार पर लगाना शुभ व सुरक्षित मानते हैं। उसके बाद हर घर में महिलाएं हलवा-पुरी और अन्य पारंपरिक पकवान बनाती हैं। इसके साथ पूरा दिन मेहमानवाजी का दौर चलता है। इस मेले में ऋतुराज वसंत के स्वागत के साथ गांव की सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की जाती है।
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देवता बद्री नारायण और देवता विष्णु नारायण के सानिध्य में मनाया मेला
पर्व को लेकर बच्चों, युवा और बुजुर्गों में दिखा खासा उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले की सांगला वैली में इन दिनों बोल मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मेले के जरिये ग्रामीण वसंत ऋतु का स्वागत करते हैं। तहसील के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में इस मेले को मनाया जाता है। यह विशेष पर्व विषु के बाद आरंभ होता है। इस पर्व को ग्रामीण अपने ईष्ट देवताओं के आदेशों के मुताबिक अलग-अलग समय निर्धारित कर मनाते हैं। मंगलवार को सांगला तहसील के आदर्श गांव बटरोरी में इस विशेष पर्व को देवता बद्री नारायण और देवता विष्णु नारायण के सानिध्य में मनाया गया। देवताओं के आदेशानुसार बोल पर्व के लिए मंगलवार का दिन निर्धारित किया गया था। तलवार बाजी में महारथ रखने वाले एक दर्जन से अधिक ग्रामीण मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर तलवार नृत्य करते हुए परंपरा का निर्वहन किया। सभी तलवार नृत्य करने वाले लोगों का अंतिम बार नृत्य देवताओं के उपस्थिति में होता है। पर्व के अंत में गांव की सुख-शांति व समृद्धि के लिए देवता विष्णु नारायण जी के साथ गांव के चारों और भ्रमण भी किया। मोतमीन मनोज लोक्टस, माथास तुलसी राम नेगी, पुजारी योग सागर बिलेंटू, माली महावीर बिलेंद्र, कायथ गौतम जिंटू ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बोल पर्व धूमधाम से मनाया गया। पर्व को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा।
ये है मान्यता
सांगला वैली में इन दिनों बोल पर्व मनाया जा रहा है। इस विशेष पर्व को मंगलवार या शनिवार को मनाया जाना शुभ माना जाता है। पर्व के दिन सुबह से ही गांव के लोग पूजा-पाठ कर पर्व की तैयारियों में जुट जाते है। ग्रामीण सुबह जंगलों से देवदार के टहनियों को घरों के मुख्य द्वार पर लगाना शुभ व सुरक्षित मानते हैं। उसके बाद हर घर में महिलाएं हलवा-पुरी और अन्य पारंपरिक पकवान बनाती हैं। इसके साथ पूरा दिन मेहमानवाजी का दौर चलता है। इस मेले में ऋतुराज वसंत के स्वागत के साथ गांव की सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की जाती है।

किन्नौर जिले के बटसेरी गांव में आयोजित बोल मेला के दौरान पारंपरिक भेषभूषा पहना कर तलवार नृत्य क
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