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बागवानों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही : अनिल काल्टा

Tue, 10 Feb 2026 11:11 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 11:11 PM IST
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रोहड़ू। पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं सेब व्यापारी (आढ़ती) अनिल काल्टा ने हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों से अपील की है कि वे सेब आयात को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि बागवानों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है।अनिल काल्टा ने कहा कि सेब का सीजन आने दीजिए, परिणाम अपने-आप सामने आ जाएंगे। बिना किसी ठोस और तथ्यात्मक जानकारी के बागवानों के बीच डर और भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बागवानों से आग्रह किया कि सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक लोगों की ओर से फैलाई जा रहीं अफवाहों पर ध्यान न दें। ऐसी गलत जानकारियों के कारण प्रदेश के सेब बागवानों में अनावश्यक चिंता और भ्रम पैदा किया जा रहा है। काल्टा ने बताया कि विदेशों से आयात होने वाले सेबों पर न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) 80 रुपये प्रति किलो लागू रहेगा। न्यूनतम आयात मूल्य पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा। इससे हिमाचल के सेब उत्पादकों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न्यूजीलैंड से आयात होने वाले सेब प्रीमियम श्रेणी में आते हैं, जो केवल सीमित वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए होते हैं। ऐसे सेब हिमाचल के सेबों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा नहीं करते। सेब आयात नीति में कोई भी निर्णय बागवानों के हितों की अनदेखी करके नहीं लिया गया है।
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