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Rampur Bushahar News: सेब के पौधे सूखने के कगार पर, कैंकर रोग की बढ़ी संभावना
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जमीन में नमी गायब, फसल उत्पादन भी हो सकता प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। क्षेत्र में बारिश न होने के कारण दिन-प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जा रही है। इस कारण किसानों-बागवानों को चिंता बढ़ गई है। सर्दियों के मौसम में इस बार कम बारिश होने के कारण जमीन में नमी की मात्रा बहुत कम है। जनवरी के मौसम में हल्की बारिश होने के कारण जमीन में पर्याप्त नमी नहीं है। फरवरी में मौसम साफ रहा। मार्च में भी अभी तक बारिश नहीं हुई है। इस कारण इस वर्ष सेब बागवानों की ओर से लगाए गए नए पौधे सूखने के कगार पर हैं। मौसम साफ रहने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फरवरी और मार्च में बारिश न होने के कारण सेब बागवान चिंतित हैं। प्रताप ठाकुर, देवराज चौहान, ध्यान वर्मा, सुभाष, पवन और राकेश सहित अन्य बागवानों का कहना है कि डेढ़ महीने से बारिश न होने के कारण जमीन से नमी भी गायब होनी शुरू हो गई है और सेब के पौधों में कैंकर रोग की संभावना बढ़ गई है। सेब फसल का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। बारिश न होने के कारण जौ, मटर की भी फसल को भी नुकसान हो रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। क्षेत्र में बारिश न होने के कारण दिन-प्रतिदिन गर्मी बढ़ती जा रही है। इस कारण किसानों-बागवानों को चिंता बढ़ गई है। सर्दियों के मौसम में इस बार कम बारिश होने के कारण जमीन में नमी की मात्रा बहुत कम है। जनवरी के मौसम में हल्की बारिश होने के कारण जमीन में पर्याप्त नमी नहीं है। फरवरी में मौसम साफ रहा। मार्च में भी अभी तक बारिश नहीं हुई है। इस कारण इस वर्ष सेब बागवानों की ओर से लगाए गए नए पौधे सूखने के कगार पर हैं। मौसम साफ रहने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फरवरी और मार्च में बारिश न होने के कारण सेब बागवान चिंतित हैं। प्रताप ठाकुर, देवराज चौहान, ध्यान वर्मा, सुभाष, पवन और राकेश सहित अन्य बागवानों का कहना है कि डेढ़ महीने से बारिश न होने के कारण जमीन से नमी भी गायब होनी शुरू हो गई है और सेब के पौधों में कैंकर रोग की संभावना बढ़ गई है। सेब फसल का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। बारिश न होने के कारण जौ, मटर की भी फसल को भी नुकसान हो रहा है।