फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   apple crop efected from fungs in rohru area

बारिश के बाद मार्सोनिना और अल्टर्नेरिया की चपेट में आए सेब के बगीचे

Sun, 19 Jun 2022 10:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 10:57 PM IST
विज्ञापन
apple crop efected from fungs in rohru area
सेब की पत्तियों में फैल रही बीमारी से संक्रमित पत्तों को दिखाता बागवान - फोटो : RAMPUR-HP
रतन चौहान
विज्ञापन

रोहडू़। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश सेब के आकार को विकसित करने के लिए अनुकूल मानी जा रहा वहीं दूसरी ओर इससे सेब के बगीचे आल्टर्नेरिया और मार्सोनिना कोरोनिया रोग की चपेट में आ गए हैं। इससे समय से पूर्व ही पतझड़ का खतरा बढ़ गया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण रोग अधिक तेजी से पनप रहा है।
रोग के अधिक फैलने से आने वाली फसल पर भी इसका विपरीत असर देखने को मिलेगा। इसको देखते हुए बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे रोहडू़ उपमंडल में होने वाले करोड़ों की सेब की फसल पर संकट के बादल छा गए हैं। अभी तक बागवानी विशेषज्ञों के पास रोग फैलने के कई मामले आ चुके हैं। इसको देखते हुए उन्होंने बागवानों को आवश्यक दवाइयों के छिड़काव की सलाह दी है।
विज्ञापन

बागवानी विशेषज्ञों के मुताबिक छाया और अधिक नमी वाले बागीचों में बीमारी का प्रकोप अधिक दिखाई दे रहा है। शुरूआती चरण में रोग सेब की पत्तियों पर दिखाई दे रहा है। इससे ग्रस्त पत्तियों की ऊपरी सतह पर गोलाकार गहरे हरे और पीले रंग के धब्बे नजर आते हैं। यह धब्बे पहले भूरे और फिर गहरे भूरे रंग के हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पत्तियों का शेष भाग पीले रंग का होता जाता है। रोग के पनपने से समय से पूर्व ही पतझड़ होता है। इस फंगस के संक्रमण का फलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संक्रमित फलों पर भी भूरे रंग के धब्बे दिखाई देने लगते हैं। अधिक पतझड़ होने पर फलों का विकास भी रुक जाता है। अधिक वर्षा, नमी और तापमान में गिरावट के कारण रोग तेजी से फैलता है।

इनसेट
कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू़ के प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ का कहना है कि अधिक नमी वाले सेब के बगीचों से आल्टर्नेरिया रोग के लक्षण मिलने शुरू हो गए हैं। बागवानों को विभाग की ओर से जारी की स्प्रे सारिणी के अनुसार दवाइयों का बगीचों में निर्धारित समय के अंतराल में छिड़काव करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed