{"_id":"6a6348efd2f19be5d7008fc4","slug":"alternative-transport-system-stalled-in-ganvi-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1032-165548-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: वैकल्पिक व्यवस्था से होगी खड्ड पार, 10 लाख का प्रस्ताव तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: वैकल्पिक व्यवस्था से होगी खड्ड पार, 10 लाख का प्रस्ताव तैयार
विज्ञापन
विकास की बात : उफनती खड्ड पर वैकल्पिक व्यवस्था थामेगी जिंदगी की डोर
गानवी में बाढ़ से पहले की बनाई वैकल्पिक व्यवस्था हो गई है ध्वस्त
तीन पंचायतों का संपर्क कटने से हजारों ग्रामीण झेल रहे दुश्वारियां
लोगों को गैस, राशन और जरूरत का सामान गांव पहुंचाना हुआ मुश्किल
उफनती खड्ड पर वैकल्पिक व्यवस्था थामेगी जिंदगी की डोर
वैकल्पिक व्यवस्था करवाएगी खड्ड पार, 10 लाख का प्रस्ताव तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के दुर्गम क्षेत्र की तीन पंचायतों के ग्रामीणों की दुश्वारियां कब कम होंगी। इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन फिर वैकल्पिक व्यवस्था ग्रामीणों को उफनती खड्ड पार करवाएगी। इसके लिए उपमंडलीय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, इससे पहले बनाई गई वैकल्पिक यातायात व्यवस्था गानवी खड्ड में बाढ़ की चपेट में आने से ध्वस्त हो गई है, जिससे ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। आगामी सेब सीजन के दौरान फिर से बागवानों की मुश्किल बढ़ सकती हैं। गानवी खड्ड में फिर से वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए करीब 10 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही यहां वैकल्पिक यातायात शुरू हो पाएगा। बीते वर्ष भारी बारिश के दौरान गानवी खड्ड में बाढ़ आने से पुल ध्वस्त हो गया था। इसके बाद से खड्ड में पाइप डालकर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई, जिससे वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही थी। बीते महीने गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से यह वैकल्पिक व्यवस्था धराशायी हो गई। इसके बाद से गानवी, कूट और क्याव पंचायतों के ग्रामीणों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और मरीजों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। क्षेत्र के लोगों को अब गैस, राशन और जरूरत का सामान गांव पहुंचाना मुश्किल हो गया है। वहीं, वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण खड्ड पर पुल (बेली ब्रिज) का निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। पुल के निर्माण के लिए खड्ड के दूसरी ओर निर्माण सामग्री पहुंचाना संभव नहीं है। ऐसे में विकल्प की सख्त जरूरत है।
प्रीकास्ट कंक्रीट सॉकेटेड और स्पिगोटेड पाइप आने के बाद ही यातायात होगा बहाल
क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है और अगले महीने से क्षेत्र में सेब सीजन शुरू हो जाएगा। यदि यातायात व्यवस्था न हुई, तो सेब को मंडी पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बिजली बोर्ड के गानवी पावर हाउस के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड भावानगर स्थित उप मुख्य अभियंता जनरेशन सर्किल को प्रस्ताव तैयार कर भेजा है। उन्होंने गानवी खड्ड में यातायात बहाली के लिए एनपी-3 क्लास के प्रीकास्ट कंक्रीट सॉकेटेड और स्पिगोटेड पाइप की आपूर्ति और बिछाने के कार्य को लेकर प्रस्ताव भेजा है। अब मंजूरी मिलने के बाद ही खड्ड पर वैकल्पिक रूप से यातायात शुरू हो पाएगा। पिछली बार की अपेक्षा इस बार खड्ड में अधिक ह्यूम पाइप लगाने की योजना है।
खड्ड में वैकल्पिक यातायात शुरू करने के लिए 30 आरसीसी पाइप की जरूरत है। इसको लेकर एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर लगाकर पाइप उपलब्ध करवाए जाएंगे और कार्य शुरू हो पाएगा।
विज्ञापन
-- आशुतोष ठाकुर, स्थानिक अभियंता, गानवी परियोजना
विज्ञापन
गानवी में बाढ़ से पहले की बनाई वैकल्पिक व्यवस्था हो गई है ध्वस्त
तीन पंचायतों का संपर्क कटने से हजारों ग्रामीण झेल रहे दुश्वारियां
लोगों को गैस, राशन और जरूरत का सामान गांव पहुंचाना हुआ मुश्किल
उफनती खड्ड पर वैकल्पिक व्यवस्था थामेगी जिंदगी की डोर
वैकल्पिक व्यवस्था करवाएगी खड्ड पार, 10 लाख का प्रस्ताव तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के दुर्गम क्षेत्र की तीन पंचायतों के ग्रामीणों की दुश्वारियां कब कम होंगी। इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन फिर वैकल्पिक व्यवस्था ग्रामीणों को उफनती खड्ड पार करवाएगी। इसके लिए उपमंडलीय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, इससे पहले बनाई गई वैकल्पिक यातायात व्यवस्था गानवी खड्ड में बाढ़ की चपेट में आने से ध्वस्त हो गई है, जिससे ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। आगामी सेब सीजन के दौरान फिर से बागवानों की मुश्किल बढ़ सकती हैं। गानवी खड्ड में फिर से वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए करीब 10 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही यहां वैकल्पिक यातायात शुरू हो पाएगा। बीते वर्ष भारी बारिश के दौरान गानवी खड्ड में बाढ़ आने से पुल ध्वस्त हो गया था। इसके बाद से खड्ड में पाइप डालकर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई, जिससे वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही थी। बीते महीने गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से यह वैकल्पिक व्यवस्था धराशायी हो गई। इसके बाद से गानवी, कूट और क्याव पंचायतों के ग्रामीणों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और मरीजों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। क्षेत्र के लोगों को अब गैस, राशन और जरूरत का सामान गांव पहुंचाना मुश्किल हो गया है। वहीं, वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण खड्ड पर पुल (बेली ब्रिज) का निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। पुल के निर्माण के लिए खड्ड के दूसरी ओर निर्माण सामग्री पहुंचाना संभव नहीं है। ऐसे में विकल्प की सख्त जरूरत है।
प्रीकास्ट कंक्रीट सॉकेटेड और स्पिगोटेड पाइप आने के बाद ही यातायात होगा बहाल
क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है और अगले महीने से क्षेत्र में सेब सीजन शुरू हो जाएगा। यदि यातायात व्यवस्था न हुई, तो सेब को मंडी पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बिजली बोर्ड के गानवी पावर हाउस के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड भावानगर स्थित उप मुख्य अभियंता जनरेशन सर्किल को प्रस्ताव तैयार कर भेजा है। उन्होंने गानवी खड्ड में यातायात बहाली के लिए एनपी-3 क्लास के प्रीकास्ट कंक्रीट सॉकेटेड और स्पिगोटेड पाइप की आपूर्ति और बिछाने के कार्य को लेकर प्रस्ताव भेजा है। अब मंजूरी मिलने के बाद ही खड्ड पर वैकल्पिक रूप से यातायात शुरू हो पाएगा। पिछली बार की अपेक्षा इस बार खड्ड में अधिक ह्यूम पाइप लगाने की योजना है।
विज्ञापन
खड्ड में वैकल्पिक यातायात शुरू करने के लिए 30 आरसीसी पाइप की जरूरत है। इसको लेकर एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर लगाकर पाइप उपलब्ध करवाए जाएंगे और कार्य शुरू हो पाएगा।
विज्ञापन