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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Agriculture crisis arose due to anti-farmer policies of Modi government, Farmers and gardeners will protest in Nirmand on Bharat Bandh on 27th, Central government is intent on selling the country: Thakur

मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों से खड़ा हुआ कृषि संकट

Fri, 17 Sep 2021 09:59 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 09:59 PM IST
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रामपुर बुशहर। देश में शांतिपूर्ण तरीके से चले संयुक्त किसान आंदोलन को 10 माह पूरे होने को हैं। जिसमें लाखों किसान शामिल हैं और आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंदोलन चल रहा है, पर देश की मोदी सरकार किसानों की मांगों पर गौर न करके पूंजीपतियों के पक्ष में खड़ी हुई है। देश को बेचने के लिए आमादा है। देश के संविधान, जनतंत्र और धर्मनिरपेक्षता पर हमला किया जा रहा है। यह बात शुक्रवार को किसान सभा निरमंड ब्लॉक की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर ने कही। बैठक में किसान-बागवानों के विभिन्न मुद्दों और 27 सितंबर के भारत बंद पर विस्तार से चर्चा की गई।
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किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद और निरमंड किसान सभा अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल का फायदा उठाते हुए मोदी सरकार के नेतृत्व में हिमाचल व कई प्रदेशों की सरकारों ने आम जनता, मजदूरों व किसानों के लिए आपदाकाल को पूंजीपतियों व कॉरपोरेट्स के लिए अवसर में तबदील कर दिया है। मनरेगा कानून को कमजोर किया जा रहा है, जिससे कि लोगों को साल में कानून के मुताबिक रोजगार नहीं मिल रहा है। मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण कृषि संकट बढ़ रहा है। सब्सिडी को खत्म किया जा रहा है, जिससे कृषि में लागत ज्यादा लग रही है और दाम लागत से कम मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों को अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि खुद को गरीबों की सरकार कहने वाली मोदी सरकार गरीबों को खत्म करने पर आमादा है। देश मे पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार की नीतियों के अनुसार ही कार्य कर रही है। किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है। इसके लिए किसान-बागवान मिलकर संघर्ष कर रहे हैं। बैठक में मांग की गई कि मजदूरों व किसानों का इलाज मुफ्त में किया जाए, महंगाई पर तुरंत रोक लगाई जाए, मनरेगा वर्कर को 300 रुपये दिहाड़ी व 200 दिन का रोजगार दिया जाए, किसान विरोधी कृषि कानून को वापस लिया जाए। 27 सितंबर को भारत बंद के मौके पर निरमंड में सैकड़ों मजदूर और किसान प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर भीम सैन, अमित, गोपाल, सालिग राम, मीने राम, बेली राम, ओम प्रकाश, गंगा राम, फूला देवी, तिलका देवी, मेहरू देवी, राजा देवी, कला देवी, इंद्रा देवी, रमिला और सुभद्रा सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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