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Rampur Bushahar News: ठेकेदारों ने अदायगी न होने पर काम किए बंद
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ठेकेदारों ने बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। जुब्बल उपमंडल में बिजली बोर्ड के ठेकेदारों ने समय पर कार्यों की पेमेंट न होने पर लाइनों की मरम्मत और अन्य कार्य बंद कर दिए हैं। लंंबित मांगों को लेकर ठेकेदार हड़ताल पर चले गए हैं। ठेकेदारों ने मांगों का ज्ञापन शनिवार को विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता को सौंपा।
बोर्ड स्टाफ की कमी के चलते अधिकांश कार्य अब ठेकेदारों से करवाता है। सर्दियों के मौसम में एचटी व एलटी लाइनों की मरम्मत और लोहे के खंभों को लगाने का कार्य भी ठेकेदारों के माध्यम से ही होता है। बर्फबारी में टूटी हुई बिजली की लाइनों को ठीक भी ठेकेदार ही करते हैं। ऐसे में ठेकेदारों के हड़ताल पर जाने से सर्दियों में विद्युत सप्लाई प्रभावित हो सकती है। कांट्रेक्टर एसोसिएशन जुब्बल के अध्यक्ष संजीव शर्मा, उपाध्यक्ष दीपक ओक्टा ने बताया कि ठेकेदारों को समय पर पेमेंट नहीं दी जा रही है। मांग है कि कार्यों की दो माह के अंदर पेमेंट की जाए। ऑफ लाइन टेंडर की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए। हर साल महंगाई को देखते हुए कास्ट-डाटा के रेट 10 से 15 प्रतिशत बढ़ते हैं। इस बार 40 से 60 प्रतिशत रेट कम कर दिए गए हैं। इससे ठेकेदारों का काम करना मुश्किल हो गया है। इसलिए बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता को सौंपा दिया गया है। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं कार्य नहीं किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। जुब्बल उपमंडल में बिजली बोर्ड के ठेकेदारों ने समय पर कार्यों की पेमेंट न होने पर लाइनों की मरम्मत और अन्य कार्य बंद कर दिए हैं। लंंबित मांगों को लेकर ठेकेदार हड़ताल पर चले गए हैं। ठेकेदारों ने मांगों का ज्ञापन शनिवार को विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता को सौंपा।
बोर्ड स्टाफ की कमी के चलते अधिकांश कार्य अब ठेकेदारों से करवाता है। सर्दियों के मौसम में एचटी व एलटी लाइनों की मरम्मत और लोहे के खंभों को लगाने का कार्य भी ठेकेदारों के माध्यम से ही होता है। बर्फबारी में टूटी हुई बिजली की लाइनों को ठीक भी ठेकेदार ही करते हैं। ऐसे में ठेकेदारों के हड़ताल पर जाने से सर्दियों में विद्युत सप्लाई प्रभावित हो सकती है। कांट्रेक्टर एसोसिएशन जुब्बल के अध्यक्ष संजीव शर्मा, उपाध्यक्ष दीपक ओक्टा ने बताया कि ठेकेदारों को समय पर पेमेंट नहीं दी जा रही है। मांग है कि कार्यों की दो माह के अंदर पेमेंट की जाए। ऑफ लाइन टेंडर की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए। हर साल महंगाई को देखते हुए कास्ट-डाटा के रेट 10 से 15 प्रतिशत बढ़ते हैं। इस बार 40 से 60 प्रतिशत रेट कम कर दिए गए हैं। इससे ठेकेदारों का काम करना मुश्किल हो गया है। इसलिए बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता को सौंपा दिया गया है। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं कार्य नहीं किया जाएगा।
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