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मांगें मनवाने पर अड़े परिवहन कर्मचारी
Rampur
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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रामपुर बुशहर। हफ्ते भर से वर्क टू रूल के तहत काम कर रहे परिवहन कर्मियों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ फिर प्रदर्शन किया। शनिवार को रामपुर डिपो के वर्कशाप के गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए चालक-परिचालकों और अन्य कर्मचारियों ने परिवहन निगम प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी भी की।
परिवहन कर्मियों की संयुक्त समन्वय समिति की रामपुर इकाई प्रधान जीवन सिंह ने कर्मियों के प्रति उपेक्षित रवैया अपनाने के लिए निगम प्रबंधन की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने छह वर्ष पूर्ण कर चुके अनुबंध कर्मियों को नियमित करने की अधिसूचना चुनाव से पहले जारी की थी, लेकिन निगम प्रबंधन ने इस पर अमल तक नहीं किया। प्रबंधन का यह रवैया अनुबंध कर्मियों के प्रति अन्याय को साफ दर्शाता है।
उन्होंने पीस मेल वर्कर्स की नियुक्ति अनुबंध आधार पर करने की मांग भी उठाई। साथ ही रात्रि भत्ते को घटाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि रात्रि भत्ता 130 रुपये ही होना चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों ने निगम को रोडवेज न बनाने को लेकर भी सरकार तथा प्रबंधन की जमकर आलोचना की। निर्णय लिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वर्क टू रूल जारी रहेगा। वर्क टू रूल के तहत आठ घंटे की सेवाओं से जहां डिपो के कई रूट प्रभावित हो रहे हैं, वहीं वर्कशाप समेत फील्ड के कार्य पर भी प्रभाव पड़ा है। विरोध प्रदर्शन में नवल किशोर, राजू राम, सुधीर कुमार, दलीप सिंह, सुरेश कुमार, भूरी लाल, हेमराज, तोता राम, नरेंद्र कुमार, गुरचरण सिंह, सर्वजीत, कैलाश चंद, नरेंद्र, परमानंद, सुरजीत, राजेश कुमार समेत कई कर्मचारी शामिल हुए।
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परिवहन कर्मियों की संयुक्त समन्वय समिति की रामपुर इकाई प्रधान जीवन सिंह ने कर्मियों के प्रति उपेक्षित रवैया अपनाने के लिए निगम प्रबंधन की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने छह वर्ष पूर्ण कर चुके अनुबंध कर्मियों को नियमित करने की अधिसूचना चुनाव से पहले जारी की थी, लेकिन निगम प्रबंधन ने इस पर अमल तक नहीं किया। प्रबंधन का यह रवैया अनुबंध कर्मियों के प्रति अन्याय को साफ दर्शाता है।
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उन्होंने पीस मेल वर्कर्स की नियुक्ति अनुबंध आधार पर करने की मांग भी उठाई। साथ ही रात्रि भत्ते को घटाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि रात्रि भत्ता 130 रुपये ही होना चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों ने निगम को रोडवेज न बनाने को लेकर भी सरकार तथा प्रबंधन की जमकर आलोचना की। निर्णय लिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वर्क टू रूल जारी रहेगा। वर्क टू रूल के तहत आठ घंटे की सेवाओं से जहां डिपो के कई रूट प्रभावित हो रहे हैं, वहीं वर्कशाप समेत फील्ड के कार्य पर भी प्रभाव पड़ा है। विरोध प्रदर्शन में नवल किशोर, राजू राम, सुधीर कुमार, दलीप सिंह, सुरेश कुमार, भूरी लाल, हेमराज, तोता राम, नरेंद्र कुमार, गुरचरण सिंह, सर्वजीत, कैलाश चंद, नरेंद्र, परमानंद, सुरजीत, राजेश कुमार समेत कई कर्मचारी शामिल हुए।
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