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यूनीक नंबर से 31 तक जोड़ें हथियार
Updated Sun, 25 Feb 2018 10:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
अगर आपने यूनीक आइडेंटिटी नंबर (यूआईएन) नहीं लिया तो आपका लाइसेंस वाला हथियार अवैध माना जाएगा। इतना ही नहीं भविष्य में अवैध हथियार रखने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। लाइसेंस धारकों ने 31 मार्च से पहले पहले अपने-अपने हथियार जैसे बंदूक, राइफल इत्यादि को यूआईएन से नहीं जोड़ा तो कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं आपके पास जो हथियार हैं, उसे अवैध घोषित कर दिया जाएगा।
सरकार और स्थानीय प्रशासन ने हथियारों को यूआईएन से जोड़ने के लिए 31 मार्च अंतिम तिथि रखी है। जानकारी के मुताबिक यूआईएन नंबर को लागू करने के पीछे यह तर्क है कि इससे अवैध बंदूकधारियों पर शिकंजा कसा जा सकता है। यूआईएन नंबर से बंदूक और अन्य हथियारों को लिंकअप करवाने का मुख्य मकसद यह है कि इससे खंड स्तर पर कितने लाइसेंस धारक हैं, उनके बारे में सही जानकारी आसानी से मिल सकेगी। उपमंडलाधिकारी डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले को जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश की जा रही है। रामपुर खंड में काफी संख्या में लाइसेंस धारक हैं। इनमें ग्रामीणों की संख्या काफी अधिक है। उन्हें अपने खेतों को जंगली जानवरों से बचाने पर बंदूक का लाइसेंस मिला है। लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि कई लोगों के पास बिना लाइसेंस के भी हथियार हैं। इस पर पूर्णरूप से रोक लगाना जरूरी हो गया है। इसलिए अब सरकार ने यूआईएन नंबर को जनरेट किया है, ताकि हर हथियार की जानकारी एक क्लिक पर मिल सके। निपुण जिंदल ने कहा कि सभी लाइसेंस धारक 31 मार्च से पहले अपने हथियार का यूआईएन नंबर ले लें, नहीं तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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रामपुर बुशहर।
अगर आपने यूनीक आइडेंटिटी नंबर (यूआईएन) नहीं लिया तो आपका लाइसेंस वाला हथियार अवैध माना जाएगा। इतना ही नहीं भविष्य में अवैध हथियार रखने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। लाइसेंस धारकों ने 31 मार्च से पहले पहले अपने-अपने हथियार जैसे बंदूक, राइफल इत्यादि को यूआईएन से नहीं जोड़ा तो कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं आपके पास जो हथियार हैं, उसे अवैध घोषित कर दिया जाएगा।
सरकार और स्थानीय प्रशासन ने हथियारों को यूआईएन से जोड़ने के लिए 31 मार्च अंतिम तिथि रखी है। जानकारी के मुताबिक यूआईएन नंबर को लागू करने के पीछे यह तर्क है कि इससे अवैध बंदूकधारियों पर शिकंजा कसा जा सकता है। यूआईएन नंबर से बंदूक और अन्य हथियारों को लिंकअप करवाने का मुख्य मकसद यह है कि इससे खंड स्तर पर कितने लाइसेंस धारक हैं, उनके बारे में सही जानकारी आसानी से मिल सकेगी। उपमंडलाधिकारी डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले को जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश की जा रही है। रामपुर खंड में काफी संख्या में लाइसेंस धारक हैं। इनमें ग्रामीणों की संख्या काफी अधिक है। उन्हें अपने खेतों को जंगली जानवरों से बचाने पर बंदूक का लाइसेंस मिला है। लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि कई लोगों के पास बिना लाइसेंस के भी हथियार हैं। इस पर पूर्णरूप से रोक लगाना जरूरी हो गया है। इसलिए अब सरकार ने यूआईएन नंबर को जनरेट किया है, ताकि हर हथियार की जानकारी एक क्लिक पर मिल सके। निपुण जिंदल ने कहा कि सभी लाइसेंस धारक 31 मार्च से पहले अपने हथियार का यूआईएन नंबर ले लें, नहीं तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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