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सतलुज नदी उफान पर; उरनी ढांक में पुल खतरे की जद में, आवाजाही पर रोक
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:14 PM IST
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- फोटो : amarujala
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सांगला (किन्नौर)। सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नेशनल हाईवे पांच पर उरनी ढांक में बना 108 फीट लंबा पुल खतरे की जद में आ गया है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते पुल से वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। शिमला और रामपुर से रिकांगपिओ और पूह की ओर जाने वाले यात्रियों को 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। वाहनों की आवाजाही उरनी-चोलिंग मार्ग से करवाई जा रही है।
शुक्रवार को सतलुज नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से 180 फीट लंबे पुल को खतरा पैदा हो गया। शुक्रवार शाम 4 बजे के बाद उक्त पुल से यातायात पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। शिमला, रामपुर से आने वाली परिवहन निगम के बसों सहित निजी वाहनों को टापरी से वाया उरनी होते हुए चोलिंग 20 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इस खस्ताहाल मार्ग पर सफर करने में यात्रियों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
शनिवार सुबह एनएच प्राधिकरण के एक्सईएन पीसी नेगी, कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता, मैकेनिकल विंग के इंजीनियर भीम सेन नेगी की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त पुल को बचाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया।
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स्थानीय विधायक जगत सिंह नेगी भी शनिवार को मौके पर पहुंचे। नेगी ने सभी अधिकारियों को पुल को जल्द सुरक्षित करने और उक्त पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करने के निर्देश दिए।
एक्सईएन पीसी नेगी ने बताया कि शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को नदी का जलस्तर कम होने के कारण पुल को बना खतरा टल गया है। अब क्षतिग्रस्त पुल को मैकेनिकल विंग टीम द्वारा एक पैनल को जोड़कर सुरक्षित किया जा रहा है। शनिवार देर शाम तक पैनल को जोड़ दिया जाएगा। रविवार सुबह तक पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
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शुक्रवार को सतलुज नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से 180 फीट लंबे पुल को खतरा पैदा हो गया। शुक्रवार शाम 4 बजे के बाद उक्त पुल से यातायात पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। शिमला, रामपुर से आने वाली परिवहन निगम के बसों सहित निजी वाहनों को टापरी से वाया उरनी होते हुए चोलिंग 20 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इस खस्ताहाल मार्ग पर सफर करने में यात्रियों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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शनिवार सुबह एनएच प्राधिकरण के एक्सईएन पीसी नेगी, कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता, मैकेनिकल विंग के इंजीनियर भीम सेन नेगी की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त पुल को बचाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया।
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स्थानीय विधायक जगत सिंह नेगी भी शनिवार को मौके पर पहुंचे। नेगी ने सभी अधिकारियों को पुल को जल्द सुरक्षित करने और उक्त पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करने के निर्देश दिए।
एक्सईएन पीसी नेगी ने बताया कि शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को नदी का जलस्तर कम होने के कारण पुल को बना खतरा टल गया है। अब क्षतिग्रस्त पुल को मैकेनिकल विंग टीम द्वारा एक पैनल को जोड़कर सुरक्षित किया जा रहा है। शनिवार देर शाम तक पैनल को जोड़ दिया जाएगा। रविवार सुबह तक पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।