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किन्नौर में 30 घंटे बाद बहाल हुआ एनएच पांच
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किन्नौर में 30 घंटे बाद एनएच पांच बहाल
रिकांगपिओ से पूह-काजा की तरफ सरकारी बसों की आवाजाही शुरू
सीमा सड़क संगठन ने जान जोखिम में डालकर बहाल किया एनएच
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। तीस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किन्नौर में भगत नाला और टिंकू नाला के पास बाधित राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच मंगलवार देर शाम को बहाल हो गया। सीमा सड़क संगठन ने युद्धस्तर पर कार्य कर एनएच को बहाल किया। अब जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह-काजा की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। यातायात बहाल होने से जिले के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है।
सोमवार देर रात को अचानक ऊपरी पहाड़ी से ग्लेश्यिरों के खिसकने से दोनों जगह करीब 120 मीटर के दायरे में एनएच पांच पूरी तरह से बंद हो गया था। सीमा सड़क संगठन ने युद्धस्तर पर कार्य कर एनएच पांच को आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है। मार्ग बहाल होने से पूह खंड के सुमरा, शलखर, चांगो, नाको, हंागो, नमज्ञा, लियो और स्पीति वैली के काजा के लोगों ने राहत की सांस ली। पूह प्रधान सुमन साना, उपप्रधान सुशील साना, कर्ण लोक्टस, राजेंद्र लामा, संजीव नेगी, सुनील नेगी, राम जगत नेगी, चंद्र कीर्ति नेगी, ज्ञान चंद नेगी, मोती नेगी और दावा छेरिंग नेगी सहित अन्य लोगों ने कहा कि भारी बर्फबारी के बीच भी सीमा सड़क संगठन के जवानों ने जान की परवाह न करते हुए ग्लेशियर के कारण बंद पड़े एनएच पांच को बहाल किया है। उन्होंने इसके लिए उनका आभार जताया है।
सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव के अनुसार भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच भी सीमा सड़क संगठन ने बाधित एनएच पांच को बहाल कर दिया है। अब राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर काजा तक वाहनों की आवाजाही बराबर हो रही है।
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उधर, पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी सुजान सिंह नेगी के अनुसार एचएच बहाल होते ही जिला मुख्यालय रिकांगपिओ और शिमला से काजा की तरफ और काजा से शिमला-रिकांगपिओ की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।
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रिकांगपिओ से पूह-काजा की तरफ सरकारी बसों की आवाजाही शुरू
सीमा सड़क संगठन ने जान जोखिम में डालकर बहाल किया एनएच
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। तीस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किन्नौर में भगत नाला और टिंकू नाला के पास बाधित राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच मंगलवार देर शाम को बहाल हो गया। सीमा सड़क संगठन ने युद्धस्तर पर कार्य कर एनएच को बहाल किया। अब जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह-काजा की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। यातायात बहाल होने से जिले के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है।
सोमवार देर रात को अचानक ऊपरी पहाड़ी से ग्लेश्यिरों के खिसकने से दोनों जगह करीब 120 मीटर के दायरे में एनएच पांच पूरी तरह से बंद हो गया था। सीमा सड़क संगठन ने युद्धस्तर पर कार्य कर एनएच पांच को आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है। मार्ग बहाल होने से पूह खंड के सुमरा, शलखर, चांगो, नाको, हंागो, नमज्ञा, लियो और स्पीति वैली के काजा के लोगों ने राहत की सांस ली। पूह प्रधान सुमन साना, उपप्रधान सुशील साना, कर्ण लोक्टस, राजेंद्र लामा, संजीव नेगी, सुनील नेगी, राम जगत नेगी, चंद्र कीर्ति नेगी, ज्ञान चंद नेगी, मोती नेगी और दावा छेरिंग नेगी सहित अन्य लोगों ने कहा कि भारी बर्फबारी के बीच भी सीमा सड़क संगठन के जवानों ने जान की परवाह न करते हुए ग्लेशियर के कारण बंद पड़े एनएच पांच को बहाल किया है। उन्होंने इसके लिए उनका आभार जताया है।
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सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव के अनुसार भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच भी सीमा सड़क संगठन ने बाधित एनएच पांच को बहाल कर दिया है। अब राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर काजा तक वाहनों की आवाजाही बराबर हो रही है।
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उधर, पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी सुजान सिंह नेगी के अनुसार एचएच बहाल होते ही जिला मुख्यालय रिकांगपिओ और शिमला से काजा की तरफ और काजा से शिमला-रिकांगपिओ की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।