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बागीचे को संकट में न डाल दे अप्रमाणित नर्सरियों के पौधे
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बगीचे को संकट में न डाल दें अप्रमाणित नर्सरियों के पौधे
विशेषज्ञों ने दी प्रमाणित नर्सरियों के पौधे रोपने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। अनुकूल मौसम के चलते बागवानों में पौधरोपण करने की होड़ लगी हुई है। अधिकांश बागवान जानकारी के अभाव में अप्रमाणित नर्सरियों से सेब के पौधे लाकर लगा रहे हैं। ऐसे पौधे आपके बगीचे की रूपरेखा बिगाड़ सकते हैं। अप्रमाणित नर्सरियों से लाए गए अधिकांश पौधे रोग ग्रस्त होते हैं। रोपने के बाद उनका विकास भी स्वस्थ पौधे की अपेक्षा काफी कम होता है। बागवानी विशेषज्ञों के पास कुछ सालों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञ बागवानों को प्रमाणित नर्सरियों से ही पौधे लाकर रोपने की सलाह दे रहे हैं।
बागवान सेब की सिडलिंग प्लांट(पावली) और सेब के पौधों को रोपते हैं। पावलियां और पौधे बाजार में भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। बागवान बिना किसी पुख्ता जानकारी के अप्रमाणित पौधे खरीद कर उनका रोपण कर रहे हैं। क्षेत्र में कई लोग अप्रमाणित नर्सरियों का कारोबार कर रहे हैं। हर वर्ष सेब के पौधों का करोड़ों रुपये का कारबोर होता है। अप्रमाणित पौधों का रोपण बगीचे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जानकारी के अभाव में बागवान भी महंगे दामों पर अप्रमाणित पौधे खरीदकर अपने बगीचों को संकट में डाल रहे हैं।
उद्यान विकास अधिकारी डा. कुशाल मेहता ने बताया कि बागवानों को प्रमाणित नर्सरियों से ही पौधे लेने चाहिए। विभाग की ओर से भी रोहड़ू और चिड़गांव क्षेेत्र में बीस हजार से अधिक उत्तम किस्म के पौधे बागवानों को बांटे गए हैं। अप्रमाणित नर्सरियों के अधिकांश पौधे रोग ग्रस्त होते हैं। और बागीचों को संकट में डाल सकते हैं। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि अच्छी तरह जांच करने के बाद प्रमाणित नर्सरियों से ही पौधों को लें। तभी बगीचे का विकास हो पाएगा।
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विशेषज्ञों ने दी प्रमाणित नर्सरियों के पौधे रोपने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। अनुकूल मौसम के चलते बागवानों में पौधरोपण करने की होड़ लगी हुई है। अधिकांश बागवान जानकारी के अभाव में अप्रमाणित नर्सरियों से सेब के पौधे लाकर लगा रहे हैं। ऐसे पौधे आपके बगीचे की रूपरेखा बिगाड़ सकते हैं। अप्रमाणित नर्सरियों से लाए गए अधिकांश पौधे रोग ग्रस्त होते हैं। रोपने के बाद उनका विकास भी स्वस्थ पौधे की अपेक्षा काफी कम होता है। बागवानी विशेषज्ञों के पास कुछ सालों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञ बागवानों को प्रमाणित नर्सरियों से ही पौधे लाकर रोपने की सलाह दे रहे हैं।
बागवान सेब की सिडलिंग प्लांट(पावली) और सेब के पौधों को रोपते हैं। पावलियां और पौधे बाजार में भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। बागवान बिना किसी पुख्ता जानकारी के अप्रमाणित पौधे खरीद कर उनका रोपण कर रहे हैं। क्षेत्र में कई लोग अप्रमाणित नर्सरियों का कारोबार कर रहे हैं। हर वर्ष सेब के पौधों का करोड़ों रुपये का कारबोर होता है। अप्रमाणित पौधों का रोपण बगीचे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जानकारी के अभाव में बागवान भी महंगे दामों पर अप्रमाणित पौधे खरीदकर अपने बगीचों को संकट में डाल रहे हैं।
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उद्यान विकास अधिकारी डा. कुशाल मेहता ने बताया कि बागवानों को प्रमाणित नर्सरियों से ही पौधे लेने चाहिए। विभाग की ओर से भी रोहड़ू और चिड़गांव क्षेेत्र में बीस हजार से अधिक उत्तम किस्म के पौधे बागवानों को बांटे गए हैं। अप्रमाणित नर्सरियों के अधिकांश पौधे रोग ग्रस्त होते हैं। और बागीचों को संकट में डाल सकते हैं। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि अच्छी तरह जांच करने के बाद प्रमाणित नर्सरियों से ही पौधों को लें। तभी बगीचे का विकास हो पाएगा।
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