फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Nutritious food for fishes Sifabrood will be prepared in Himachal Pradesh

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में तैयार होगा मछलियों का पौष्टिक आहार सिफाब्रूड, यहां होगा उत्पादन

Wed, 23 Oct 2024 06:48 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 23 Oct 2024 06:48 PM IST
सार

ऊना जिले के गगरेट उपमंडल स्थित दियोली स्थित कार्प फार्म में किया जा रहा है। इससे प्रदेश में मछली प्रजनन और बीज उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे मछली पालकों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज सालभर मिलते रहेंगे।

विज्ञापन
Nutritious food for fishes Sifabrood will be prepared in Himachal Pradesh
डिजाइन फोटो। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सिफाब्रूड फीड का उत्पादन ऊना जिले के गगरेट उपमंडल स्थित दियोली स्थित कार्प फार्म में किया जा रहा है। यह फीड मछली प्रजनकों को न्यूनतम मूल्य पर उपलब्ध होगा। इससे मछली पालन की लागत कम होगी और प्रजनन क्षमता में वृद्धि होगी।

विज्ञापन


इससे प्रदेश में मछली प्रजनन और बीज उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे मछली पालकों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज सालभर मिलते रहेंगे। प्रदेश में मछलियों के पोषण और सही डाइट को सुनिश्चित करने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की गई है। यह प्रयास भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केन्द्रीय मीठाजल जलकृषि संस्थान भुवनेश्वर (आईसीएआर-सीआईएफए) और हिमाचल प्रदेश के मत्स्य पालन विभाग के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के चलते संभव हो पाया है। सिफाब्रूड, जो विशेष रूप से मछलियों की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया आहार है। मत्स्य पालन विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने बताया कि विभाग ने पहली बार इस तरह की एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है।

विज्ञापन

सिफाब्रूड के लाभ
सिफाब्रूड मछलियों के लिए अत्यंत पौष्टिक आहार है, जो उनकी प्रजनन क्षमता में तेजी से वृद्धि करता है। सिफाब्रूड फीड में गौजूद विटामिन्स और खनिज मछलियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, जिससे वे विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित रहती हैं। सिफाब्रूड न केवल प्रजनन के लिए फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अनुकूल है।

मछली प्रजनकों के लिए बड़ी सौगात
हिमाचल की जलवायु के कारण अब तक मछलियां वर्ष में केवल एक बार प्रजनन करती हैं, क्योंकि प्रजनन करने के पश्चात दोबारा प्रजनन हेतु तैयार होने में मछली को एक वर्ष का समय लग जाता है। सिफाब्रूड की पौष्टिकता से मछली गर्मी के समय में केवल 45-से 50 दिन के भीतर दोबारा प्रजनन हेतु तैयार हो जाती है, जिससे मछली को कम से कम वर्ष में दो बार प्रजननित करवाया जा सकता है। इससे मछली बीज की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी, जो अब तक प्रदेश में मत्स्य पालन व्यवसाय के विकास में एक प्रमुख बाधा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed