Naresh Chauhan: सीएम के प्रधान सलाहकार मीडिया बोले- राहुल को जाता है देश में होने वाली जातिगत जनगणना का श्रेय
Naresh Chauhan: शुक्रवार को राज्य सचिवालय में प्रेस वार्ता करते हुए नरेश चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जातिगत जनगणना कराने का जो निर्णय लिया गया है, उसका सारा श्रेय विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जाता है।
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मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जातिगत जनगणना कराने का जो निर्णय लिया गया है, उसका सारा श्रेय विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जाता है। राहुल गांधी ने इसके लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी और आज केंद्र सरकार को उनकी बात को मानने को बाध्य होना पड़ा। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में प्रेस वार्ता करते हुए नरेश चौहान ने कहा कि चाहे पदयात्रा हो अथवा देश की संसद हो, राहुल गांधी हमेशा जनहित के मुद्दे उठाते हैं और हर वर्ग के लोगों की समस्याओं के लिए हमेशा खड़े रहते हैं।
नरेश चौहान ने कहा कि जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस पार्टी को किसी प्रकार का राजनीतिक लाभ लेने की मंशा नहीं थी अपितु पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की यह सोच थी कि देश के अंदर जो जनगणना है उसमें हर जाति के लोगों का एक डाटा देश के पास होना चाहिए। जातिगत जनगणना से देश का वास्तविक एवं समावेशी विकास सुनिश्चित होगा और दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों तथा शोषित लोगों को अन्य वर्ग के लोगों के बराबर लाने तथा उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि अब इस मामले में सरकार का क्या रोडमैप होगा। इसकी क्या समयसीमा होगी और इसके लिए बजट का क्या प्रावधान होगा। केवल बिहार के चुनावों को देखते हुए इस प्रकार का दांव खेलने और सुर्खियां बनाने के लिए केंद्र सरकार को इसका श्रेय लेने का कोई अधिकार नहीं है।
भाजपा नेता रणधीर शर्मा पर कटाक्ष करते हुए नरेश ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी की बजाय अपनी पार्टी की चिंता करें। भाजपा के भीतर लीडरशिप को लेकर आज जो वर्चस्व की जंग चल रही है, वह जगजाहिर है। भाजपा आज उन लोगों को ही संभाल नहीं पा रही है जो कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। भाजपा की स्थिति आज यह है कि उसकी धुरी जगत प्रकाश नड्डा, जयराम ठाकुर, राजीव बिंदल और अनुराग ठाकुर जैसे नेताओं के पीछे घूम रही है जो अपनी महत्वाकांक्षा के चलते केंद्र के नेताओं के पास अपनी लीडरशिप को चमकाने के सिवा और कुछ नहीं करते।