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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mobile phones to serve as digital tools during disasters; app made mandatory for officials and employees.

हिमाचल: आपदा के समय मोबाइल फोन बनेगा डिजिटल हथियार, अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए एप अनिवार्य

Wed, 22 Jul 2026 07:40 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 22 Jul 2026 07:40 PM IST
सार

प्रदेश में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं और मानसून के दौरान आपात स्थितियों के बीच हिमाचल सरकार ने आपदा प्रबंधन को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 

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Mobile phones to serve as digital tools during disasters; app made mandatory for officials and employees.
आपदा रक्षक मोबाइल एप। - फोटो : hpsdma

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं और मानसून के दौरान आपात स्थितियों के बीच हिमाचल सरकार ने आपदा प्रबंधन को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा रक्षक मोबाइल एप डाउनलोड कर उसमें पंजीकरण करने के निर्देश दिए हैं। सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को इस एप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। राजस्व विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार यह मोबाइल एप हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एजीआईएसएसी-हिमकॉस्टे के सहयोग से विकसित किया है। इसका उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान, अर्ली वार्निंग संदेश, आपदा अलर्ट और एडवाइजरी आम लोगों तथा सरकारी तंत्र तक तुरंत पहुंचाना है।

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एप की सबसे बड़ी विशेषता है कि नागरिक और अधिकारी किसी भी आपदा की सूचना जियो-टैग्ड फोटो और सटीक लोकेशन के साथ सीधे भेज सकेंगे। इससे भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़, सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाओं की जानकारी तुरंत नियंत्रण कक्ष तक पहुंचेगी और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी। सरकार का मानना है कि एप के माध्यम से जुटने वाले आंकड़ों से आपदा प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर प्रारंभिक चेतावनी तंत्र की पहुंच का आकलन किया जा सकेगा और जहां जरूरत होगी वहां अतिरिक्त निगरानी व चेतावनी उपकरण स्थापित किए जा सकेंगे। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बीच एप की जानकारी साझा करें। विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों को भी नागरिक लॉगिन के माध्यम से एप का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि मौसम संबंधी चेतावनियां और आपदा संबंधी सूचनाएं समय पर प्राप्त हो सकें।

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सरकार की तैयारी को मिलेगा डिजिटल बल
 प्रदेश में हाल के वर्षों में बादल फटने, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है। ऐसे में आपदा रक्षक एप को आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक रियल टाइम, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे आपदाओं के दौरान सूचना के आदान-प्रदान में तेजी आएगी और जनहानि तथा संपत्ति के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।

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