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Mandi News: स्मार्ट मीटर के खिलाफ महिलाओं ने निकाली रैली
Mon, 09 Feb 2026 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 09 Feb 2026 11:23 PM IST
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लडभड़ोल (मंडी)। तहसील क्षेत्र में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। सोमवार को महिला मंडल चैल चतरा की दर्जनों महिलाओं ने एकजुट होकर स्मार्ट मीटर के विरोध में लडभड़ोल बाजार में रोष रैली निकाली और सरकार व विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
रैली का नेतृत्व कर रही महिला मंडल की सदस्यों में कृष्णी देवी, सपना, रूपा, रीता, सरोज, सावित्री, माया देवी, शकुंतला और मीरा ने बताया कि क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार स्मार्ट मीटर की व्यवस्था सफल नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश परिवारों के युवा सदस्य और बहुएं रोजगार के चलते बाहर रहते हैं। घरों में केवल बुजुर्ग ही हैं, जो अधिकतर साधारण कीपैड फोन का उपयोग करते हैं।
ऐसे में मोबाइल ऐप आधारित रिचार्ज करना या ऑनलाइन बिल की जानकारी लेना बुजुर्गों के बस की बात नहीं है। इससे बुजुर्गों के लिए मानसिक तनाव और अनावश्यक परेशानी का कारण बनेगी। यदि समय पर रिचार्ज नहीं हुआ, तो बिजली कटने का डर हमेशा बना रहेगा। महिलाओं ने मांग उठाई कि यदि सरकार स्मार्ट मीटर लगाना ही चाहती है तो इसका पूरा खर्च स्वयं वहन करे, जनता से इसकी वसूली न की जाए। ग्रामीण इलाकों में पुरानी बिलिंग प्रणाली ही जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों और व्यावहारिक समस्याओं पर गौर नहीं किया तो आगे भी विरोध जारी रखा जाएगा।
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रैली का नेतृत्व कर रही महिला मंडल की सदस्यों में कृष्णी देवी, सपना, रूपा, रीता, सरोज, सावित्री, माया देवी, शकुंतला और मीरा ने बताया कि क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार स्मार्ट मीटर की व्यवस्था सफल नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश परिवारों के युवा सदस्य और बहुएं रोजगार के चलते बाहर रहते हैं। घरों में केवल बुजुर्ग ही हैं, जो अधिकतर साधारण कीपैड फोन का उपयोग करते हैं।
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ऐसे में मोबाइल ऐप आधारित रिचार्ज करना या ऑनलाइन बिल की जानकारी लेना बुजुर्गों के बस की बात नहीं है। इससे बुजुर्गों के लिए मानसिक तनाव और अनावश्यक परेशानी का कारण बनेगी। यदि समय पर रिचार्ज नहीं हुआ, तो बिजली कटने का डर हमेशा बना रहेगा। महिलाओं ने मांग उठाई कि यदि सरकार स्मार्ट मीटर लगाना ही चाहती है तो इसका पूरा खर्च स्वयं वहन करे, जनता से इसकी वसूली न की जाए। ग्रामीण इलाकों में पुरानी बिलिंग प्रणाली ही जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों और व्यावहारिक समस्याओं पर गौर नहीं किया तो आगे भी विरोध जारी रखा जाएगा।
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