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Mandi News: हर पांच मिनट बाद सेंसर से जांची जा रही पानी की गुणवत्ता
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जोगिंद्रनगर में सार्वजनिक नलों के पानी का परीक्षण करते हुए विभाग की महिला कर्मचारी- संवाद
जोगिंद्रनगर में पेयजल स्रोतों और जल भंडारण टैंकों की निगरानी के लिए कर्मचारी तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में पीलिया से बिगड़े हालात के बाद अब जलशक्ति विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। पेयजल स्रोतों, जल भंडारण टैंकों की निगरानी के लिए कर्मचारी तैनात किए हैं। इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता की भी सेंसर के माध्यम से हर पांच मिनट बाद जांच करना सुनिश्चित किया गया है। जोगिंद्रनगर शहरी क्षेत्र के करीब 15 हजार उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए विभाग सतर्क हो गया है। सुपर क्लोरीन भी जलशक्ति विभाग के जल भंडारण टैंकों में शुरू हुई है।
इसके अलावा दूषित पानी पेयजल पाइप लाइन में जाने की आशंका वाली पाइपों को भी बदला जा रहा है। मंगलवार को जिमजिमा स्थित जल भंडारण टैंकों में दो कर्मचारी केवल पेयजल की आपूर्ति और इसमें सुपर क्लोरीन का ही जिम्मा उठाए दिखे। यहां से 12 किलोमीटर दूर मुख्य पेयजल सोर्स फेगडू नाले में भी जल शक्ति विभाग के कर्मचारी स्वच्छ पानी की आपूर्ति के लिए मुस्तैद दिखे। कर्मचारी पाइपलाइन को नए सिरे से स्थापित करने के लिए अस्पताल मार्ग, लक्ष्मी बाजार और वार्ड चार समलोट से होकर जाने वाले एक रास्ते पर कार्य करते दिखे।
प्रतिदिन 40 सैंपल का परीक्षण कर रहा है जल शक्ति विभाग
उपमंडल में जलशक्ति विभाग की पेयजल आपूर्ति को मापदंडों में सही उतारने के लिए प्रतिदिन 40 सैंपलों का परीक्षण जल शक्ति विभाग की ओर से किया जा रहा है। मंगलवार को जलशक्ति विभाग मंडल जोगिंद्रनगर के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि वे स्वयं विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पेयजल आपूर्ति और इसकी गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं।
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जल भंडारन टैंकों में नियमित डाली जा रही क्लोरीन
जोगिंद्रनर के शहरी क्षेत्र के करीब 15 हजार पेयजल उपभोक्ताओं को हर रोज 1.8 एमएलडी पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जिमजिमा पंचायत के समीप 6 लाख लीटर क्षमता के जल भंडारण टैंकों में भी सुपर क्लोरीन नियमित की जा रही है। अन्य पेयजल स्रोतों और जल भंडारण टैंकों के समीप भी कर्मचारी निगरानी के लिए तैनात हैं। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितताएं अभी तक नहीं पाई गई है। एहतियात के तौर पर क्लोरीन की गुणवत्ता के साथ जल भंडारण टैंकों के स्वच्छता अभियान को भी तेज किया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में पीलिया से बिगड़े हालात के बाद अब जलशक्ति विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। पेयजल स्रोतों, जल भंडारण टैंकों की निगरानी के लिए कर्मचारी तैनात किए हैं। इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता की भी सेंसर के माध्यम से हर पांच मिनट बाद जांच करना सुनिश्चित किया गया है। जोगिंद्रनगर शहरी क्षेत्र के करीब 15 हजार उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए विभाग सतर्क हो गया है। सुपर क्लोरीन भी जलशक्ति विभाग के जल भंडारण टैंकों में शुरू हुई है।
इसके अलावा दूषित पानी पेयजल पाइप लाइन में जाने की आशंका वाली पाइपों को भी बदला जा रहा है। मंगलवार को जिमजिमा स्थित जल भंडारण टैंकों में दो कर्मचारी केवल पेयजल की आपूर्ति और इसमें सुपर क्लोरीन का ही जिम्मा उठाए दिखे। यहां से 12 किलोमीटर दूर मुख्य पेयजल सोर्स फेगडू नाले में भी जल शक्ति विभाग के कर्मचारी स्वच्छ पानी की आपूर्ति के लिए मुस्तैद दिखे। कर्मचारी पाइपलाइन को नए सिरे से स्थापित करने के लिए अस्पताल मार्ग, लक्ष्मी बाजार और वार्ड चार समलोट से होकर जाने वाले एक रास्ते पर कार्य करते दिखे।
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प्रतिदिन 40 सैंपल का परीक्षण कर रहा है जल शक्ति विभाग
उपमंडल में जलशक्ति विभाग की पेयजल आपूर्ति को मापदंडों में सही उतारने के लिए प्रतिदिन 40 सैंपलों का परीक्षण जल शक्ति विभाग की ओर से किया जा रहा है। मंगलवार को जलशक्ति विभाग मंडल जोगिंद्रनगर के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि वे स्वयं विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पेयजल आपूर्ति और इसकी गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं।
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जल भंडारन टैंकों में नियमित डाली जा रही क्लोरीन
जोगिंद्रनर के शहरी क्षेत्र के करीब 15 हजार पेयजल उपभोक्ताओं को हर रोज 1.8 एमएलडी पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जिमजिमा पंचायत के समीप 6 लाख लीटर क्षमता के जल भंडारण टैंकों में भी सुपर क्लोरीन नियमित की जा रही है। अन्य पेयजल स्रोतों और जल भंडारण टैंकों के समीप भी कर्मचारी निगरानी के लिए तैनात हैं। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितताएं अभी तक नहीं पाई गई है। एहतियात के तौर पर क्लोरीन की गुणवत्ता के साथ जल भंडारण टैंकों के स्वच्छता अभियान को भी तेज किया गया है।