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Mandi News: जोगिंद्रनगर में होमगार्ड कंपनी कार्यालय में टपकता है पानी
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर स्थित होमगार्ड की कंपनी में तैनात करीब 62 जवानों को आवासीय सुविधा का लाभ नहीं मिला है। लडभड़ोल, चौंतड़ा, बस्सी, द्रंग क्षेत्र के टिक्कन, धर्मपुर और कमांद में पुलिस, दमकल विभाग के साथ सेवा में तैनात होमगार्ड के जवानों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
जोगिंद्रनगर में होमगार्ड कंपनी का कार्यालय प्राचीन मंदिर के एक पुराने भवन में चल रहा है। भवन की छतों से पानी का रिसाव होता है। इससे होमगार्ड के जवानों को कामकाज निपटाना भी मुश्किल हो जाता है। कार्यालय के रिकॉर्ड और आपात समय में इस्तेमाल में लाए जाने वाले उपकरणों को भी सुरक्षित बचाना आसान नहीं रहा है।
यहां पर रात्रि ठहराव के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से जिन कमरों की व्यवस्था की गई है, उनकी दयनीय स्थिति से होमगार्ड के जवान परेशान हैं। यहां होमगार्ड की कंपनी की स्थापना 1971 में हुई थी। बीते 55 साल के लंबे अंतराल के बाद भी होमगार्ड के जवानों को न स्थायी कार्यालय मिला और न ही आवास की सुविधा मिल पाई है। तहसीलदार डॉ. मुकुल अनिल शर्मा ने कहा कि वह होमगार्ड के जवानों के इस विषय को स्थानीय प्रशासन के ध्यान में लाकर आगामी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएंगे।
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कुछ पुराने भवन के कमरों को कार्यालय और आवास के इस्तेमाल में लाया जा रहा है। उनकी हालत ठीक न होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
-लेखराज, कंपनी कमांडर, होमगार्ड जोगिंद्रनगर
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जोगिंद्रनगर में होमगार्ड कंपनी का कार्यालय प्राचीन मंदिर के एक पुराने भवन में चल रहा है। भवन की छतों से पानी का रिसाव होता है। इससे होमगार्ड के जवानों को कामकाज निपटाना भी मुश्किल हो जाता है। कार्यालय के रिकॉर्ड और आपात समय में इस्तेमाल में लाए जाने वाले उपकरणों को भी सुरक्षित बचाना आसान नहीं रहा है।
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यहां पर रात्रि ठहराव के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से जिन कमरों की व्यवस्था की गई है, उनकी दयनीय स्थिति से होमगार्ड के जवान परेशान हैं। यहां होमगार्ड की कंपनी की स्थापना 1971 में हुई थी। बीते 55 साल के लंबे अंतराल के बाद भी होमगार्ड के जवानों को न स्थायी कार्यालय मिला और न ही आवास की सुविधा मिल पाई है। तहसीलदार डॉ. मुकुल अनिल शर्मा ने कहा कि वह होमगार्ड के जवानों के इस विषय को स्थानीय प्रशासन के ध्यान में लाकर आगामी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएंगे।
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कुछ पुराने भवन के कमरों को कार्यालय और आवास के इस्तेमाल में लाया जा रहा है। उनकी हालत ठीक न होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
-लेखराज, कंपनी कमांडर, होमगार्ड जोगिंद्रनगर
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