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Mandi News: परियोजना में निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने से पहले ग्रामीणों ने रखी कई शर्तें
Wed, 15 May 2024 08:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 15 May 2024 08:59 AM IST
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मंडी। कांगड़ा के मुल्थान स्थित 25 मेगावाट लंबाडग हाइड्रो विद्युत परियोजना का दोबारा कार्य शुरू करने से पहले प्रभावितों ने कई शर्तें रख दी हैं। शर्तें पूरा न होने तक परियोजना का कार्य बंद रखने की मांग की है। मुल्थान और बरोट के 117 लोगों ने हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री सुक्खू और ऊर्जा निदेशालय के निदेशक हरिकेश मीणा को पत्र भेजकर मामले की जांच करवाने मांग की है।
लोगों का कहना है कि परियोजना का बांध छेरना और पावरहाउस मुल्थान में है। बांध स्थल से कुटलू तक नदी के पानी को 4.15 किमी लंबी सुरंग के माध्यम से लाया जाता है और फॉर-वे से पावरहाउस (मुल्थान) तक 550 मीटर लंबी पेनस्टॉक पाइप के माध्यम से टरबाइन में पानी गिराया जाता है। 24 फरवरी 2024 को परियोजना ने विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया था। तब भी परियोजना निर्माता कंपनी ने लापरवाही, अनियमितता और अनदेखी की थी। इसी वजह से पेनस्टॉक पाइप टूटी है।
ग्रामीणों ने रखीं ये शर्तें
पेनस्टॉक पाइप के टूटने व पानी रिसाव के कारणों का पता करने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच करवाई जाए और लीकेज को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
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राज्य सरकार मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर परियोजना के निर्माण कार्य में लापरवाही, अनियमितता व अनदेखी के लिए आपराधिक मामला दर्ज करे। मामले में फास्ट ट्रैक पर कार्रवाई हो।
आपदा से हुए खेतों, दुकानों व घरों के नुकसानों का त्वरित सर्वेक्षण प्रशासन करे और इसकी भरपाई मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी से प्रशासन अपनी निगरानी में करे।
परियोजना के निर्माण कार्य की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में उच्च स्तरीय तकनीकी व आर्थिक जांच की जाए।
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लोगों का कहना है कि परियोजना का बांध छेरना और पावरहाउस मुल्थान में है। बांध स्थल से कुटलू तक नदी के पानी को 4.15 किमी लंबी सुरंग के माध्यम से लाया जाता है और फॉर-वे से पावरहाउस (मुल्थान) तक 550 मीटर लंबी पेनस्टॉक पाइप के माध्यम से टरबाइन में पानी गिराया जाता है। 24 फरवरी 2024 को परियोजना ने विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया था। तब भी परियोजना निर्माता कंपनी ने लापरवाही, अनियमितता और अनदेखी की थी। इसी वजह से पेनस्टॉक पाइप टूटी है।
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ग्रामीणों ने रखीं ये शर्तें
पेनस्टॉक पाइप के टूटने व पानी रिसाव के कारणों का पता करने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच करवाई जाए और लीकेज को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
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राज्य सरकार मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर परियोजना के निर्माण कार्य में लापरवाही, अनियमितता व अनदेखी के लिए आपराधिक मामला दर्ज करे। मामले में फास्ट ट्रैक पर कार्रवाई हो।
आपदा से हुए खेतों, दुकानों व घरों के नुकसानों का त्वरित सर्वेक्षण प्रशासन करे और इसकी भरपाई मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी से प्रशासन अपनी निगरानी में करे।
परियोजना के निर्माण कार्य की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में उच्च स्तरीय तकनीकी व आर्थिक जांच की जाए।