{"_id":"68fbc1baf25a316c8a072f9b","slug":"tonic-made-from-thorny-nettle-mandi-news-c-90-1-ssml1025-173910-2025-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: कांटे चुभाेने वाली बिच्छू बूटी से बनाया टॉनिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: कांटे चुभाेने वाली बिच्छू बूटी से बनाया टॉनिक
विज्ञापन
मंडी। शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ कर आज महिलाएं विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। सुंदरनगर उपमंडल के नगवाहन धनोटू में शक्ति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष माया देवी प्राकृतिक जड़ी बूटियों को एकत्रित कर लोगों को इसके फायदे बता रही हैं।
वह प्राकृतिक स्टीविया, मोरिंगा और गिलोय के गुणों के बारे में जागरूकता फैला रही है। शरीर में कांटे लगने से तेज दर्द करने वाली बिच्छू बूटी से टाॅनिक तैयार कर लोगों को इसके फायदे बताए जा रहे हैं। चीनी खाने से परहेज करने वालों को स्टीविया पौधे के पत्तों को मीठे के रूप में प्रयोग करने की सलाह दे रही हैं।
साथ ही वह माेरिंगा की पत्तियों से चाय बना रही हैं और कोदरे के आटे से होने वाले लाभ के बारे में लोगों को जागरूक कर रही हैं। माया देवी का कहना है कि उन्होंने नगवाहन धनोटू में शक्ति स्वयं सहायता समूह का गठन कर दस महिलाओं को जोड़ा है। महिलाएं अपने घरों में आसानी से मिलने वाली गिलोय को पीस कर उसका सीरा तैयार कर मेलों और त्योहारी सीजन में स्टॉल लगा कर बिक्री कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। जिन लोगों को मधुमेह की शिकायत है उनके लिए प्राकृतिक रूप से मिलने वाले स्टीविया पौधे के पत्तों को चाय में डाल कर चीनी की कमी को पूरा करवा रही है। महिलाएं कोदरे की चाय और पापड़ तैयार कर रही हैं तथा बिच्छू बूटी से टॉनिक तैयार कर जहां निरोग रहने के उपाय सुझा रही हैं वहीं महिलाएं अपनी आर्थिकी को भी मजबूत कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वह प्राकृतिक स्टीविया, मोरिंगा और गिलोय के गुणों के बारे में जागरूकता फैला रही है। शरीर में कांटे लगने से तेज दर्द करने वाली बिच्छू बूटी से टाॅनिक तैयार कर लोगों को इसके फायदे बताए जा रहे हैं। चीनी खाने से परहेज करने वालों को स्टीविया पौधे के पत्तों को मीठे के रूप में प्रयोग करने की सलाह दे रही हैं।
विज्ञापन
साथ ही वह माेरिंगा की पत्तियों से चाय बना रही हैं और कोदरे के आटे से होने वाले लाभ के बारे में लोगों को जागरूक कर रही हैं। माया देवी का कहना है कि उन्होंने नगवाहन धनोटू में शक्ति स्वयं सहायता समूह का गठन कर दस महिलाओं को जोड़ा है। महिलाएं अपने घरों में आसानी से मिलने वाली गिलोय को पीस कर उसका सीरा तैयार कर मेलों और त्योहारी सीजन में स्टॉल लगा कर बिक्री कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। जिन लोगों को मधुमेह की शिकायत है उनके लिए प्राकृतिक रूप से मिलने वाले स्टीविया पौधे के पत्तों को चाय में डाल कर चीनी की कमी को पूरा करवा रही है। महिलाएं कोदरे की चाय और पापड़ तैयार कर रही हैं तथा बिच्छू बूटी से टॉनिक तैयार कर जहां निरोग रहने के उपाय सुझा रही हैं वहीं महिलाएं अपनी आर्थिकी को भी मजबूत कर रही हैं।
विज्ञापन