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Mandi News: बम की सूचना से अफरातफरी, दमकल टीम खोजती रही रास्ता

Thu, 17 Apr 2025 05:56 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Thu, 17 Apr 2025 05:56 AM IST
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There was chaos due to information about bomb, fire brigade team kept searching for the way
उपायुक्त कार्यालय गेट के पास तारों को हटाता दमकल कर्मी व दूसरी तरफ खड़ी गाड़ियां। संवाद
मंडी। जिला मुख्यालय मंडी स्थित उपायुक्त कार्यालय परिसर में बुधवार सुबह बम की सूचना से मची अफरातफरी के बीच जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तैयारियों की पोल खुल गई। दमकल विभाग का वाहन करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित अपने कार्यालय से उपायुक्त परिसर तक पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय ले गया।
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सुबह 10ः30 बजे उपायुक्त कार्यालय परिसर में सायरन की गूंज सुनाई दी। उपायुक्त की ईमेल आईडी पर धमकी भरा मेल प्राप्त होने के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर परिसर को तत्काल खाली करवाया। इसके बावजूद आपातकालीन सेवाओं की तैनाती में भारी लापरवाही सामने आई। सुबह 11:25 बजे दमकल वाहन उपायुक्त कार्यालय परिसर के प्रवेश द्वार पर पहुंचा।
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इस देरी की प्रमुख वजह मार्ग में बेतरतीब खड़े वाहन और सड़क किनारे झूलती बिजली की तारें रहीं। हालात ऐसे बन गए कि परिसर में पहले से खड़े सरकारी वाहनों को गेट के बाहर खड़ा करना पड़ा ताकि बचाव दल अंदर प्रवेश कर सके। उपायुक्त कार्यालय के प्रवेश द्वार से चौहटा तक करीब 50–60 मीटर क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े वाहनों ने एसडीआरएफ और दमकल विभाग की टीम को आगे बढ़ने नहीं दिया।
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एसडीआरएफ के जवानों को वाहन से उतरकर पैदल परिसर में प्रवेश करना पड़ा। तारों के जाल ने भी भारी मुश्किलें खड़ी कीं। जवानों को खुद तारें हटाकर रास्ता बनाना पड़ा। हालांकि उपायुक्त कार्यालय परिसर को खाली करवा लिया गया था, लेकिन अन्य प्रवेश द्वारों के समीप वाहन खड़े रहे। मुख्य डाकघर के पास रसोई गैस सिलिंडर रखे हुए थे। यदि कोई अप्रिय घटना घटती तो ये सिलिंडर बड़े नुकसान का कारण बन सकते थे। उपायुक्त कार्यालय से सटे चौहटा में महिलाएं रोजाना की तरह सड़क किनारे फल और सब्जी बेचती रहीं, जबकि भीतर सर्च ऑपरेशन चल रहा था।

इस घटनाक्रम ने आपदा प्रबंधन, पुलिस और प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर कर दिया है। आपात स्थिति से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था और प्रशिक्षण की कमी स्पष्ट रूप से सामने आई।



कार्यालय खुलते ही किया अलर्ट : उपायुक्त

मीडियाकर्मियों से बातचीत में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि जैसे ही धमकी भरी ईमेल मिली, तुरंत प्रीवेंटिव एक्शन शुरू कर दिया गया। कार्यालय खुलते समय सभी कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत धमकी का नहीं था, बल्कि आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी इससे जुड़ी हुई थी।




11:10 बजे मिली सूचना : दमकल विभाग

दमकल विभाग के अनुसार उन्हें उपायुक्त कार्यालय परिसर में धमकी की सूचना सुबह 11:10 बजे प्राप्त हुई। इसके तुरंत बाद वे मौके के लिए रवाना हुए। विभाग ने देरी का कारण सूचना देर से मिलना बताया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी आपात स्थितियों में दमकल की त्वरित मौजूदगी आवश्यक होती है। सौभाग्यवश घटना में कोई हानि नहीं हुई, लेकिन तैयारियों की सच्चाई जरूर उजागर हो गई।

उपायुक्त कार्यालय गेट के पास तारों को हटाता दमकल कर्मी व दूसरी तरफ खड़ी गाड़ियां। संवाद

उपायुक्त कार्यालय गेट के पास तारों को हटाता दमकल कर्मी व दूसरी तरफ खड़ी गाड़ियां। संवाद

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