फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   The officials heard the danger to the village with one ear and let it out from the other

Mandi News: गांव के खतरे को एक कान से सुन दूसरे कान से निकाल गए अधिकारी

Sun, 13 Jul 2025 11:42 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jul 2025 11:42 AM IST
विज्ञापन
The officials heard the danger to the village with one ear and let it out from the other
कटौला के तहत आती ग्राम पंचायत सेगली के गांव कालंग गांव में आई दरारें। स्त्रोत जागरूक पाठक
कटौला/मंडी। दस साल से डंगा नहीं लगा, अब बरसात में रहने का भी इंतजाम नहीं हो रहा है। यह कहना है भूस्खलन की चपेट में आई ग्राम पंचायत शेगली के कालंग गांव के बाशिंदों का। राज ठाकुर, बीरी सिंह, लाल सिंह, राम सिंह, जसपाल, यादव सिंह, मान सिंह और कुरम देव ने बताया कि गांव में 2013 से भूस्खलन हो रहा है। मंत्री, नेता और अधिकारियों को खतरे के बारे में बताया लेकिन एक कान से सुन दूसरे कान से बात निकाल दी। अधिकारियों को निरीक्षण भी करवाया लेकिन आश्वासन ही मिले, कुछ नहीं हुआ।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने कहा कि इस बार हुई बारिश में भूस्खलन की दरारें घर से 100 मीटर दूर तक पहुंच चुकी हैं। बेघर होने का डर सता रहा है। रात को बारिश के समय ग्रामीण बीरी सिंह और जगदीश के घरों में शिफ्ट हो रहे हैं। जागकर रातें काटनी पड़ रही हैं। करीब 14 परिवारों पर संकट मंडराया है। गांव की पहाड़ी का मलबा धंस कर नीचे बागी-कटौला खड्ड में पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने कालंग गांव में ऊपर शरण के लिए जगह देखी है लेकिन अभी तक तिरपाल नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन

द्रंग मंडल भाजपा के अध्यक्ष राज ठाकुर बताते हैं कि पूरा गांव असुरक्षित हो गया है। स्थानीय लोग कई बार प्रशासन को सूचना दे चुके हैं, लेकिन अब तक न तो कोई अधिकारी पहुंचा है और न ही राहत या बचाव के कोई इंतजाम किए गए हैं। गांव में कई घर अब असुरक्षित स्थिति में हैं। कुछ परिवारों ने तो घर छोड़कर रिश्तेदारों या सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल भूगर्भीय सर्वेक्षण करवाया जाए। ग्रामीण सोमवार को आपदा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी से मिलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

...
ग्रामीण गांव से दूर दूसरी जगह बसना नहीं चाहते हैं। उन्होंने खुद गांव के ऊपर रहने के लिए जगह देखी है। तिरपाल के लिए उच्चाधिकारियों को बता दिया है। गांव में स्कूल या सराय भी नहीं है। स्कूल दूर है। ग्रामीण सामान उठाकर जाना नहीं चाहते हैं। जल्द तिरपाल की व्यवस्था करवा दी जाएगी। पूरा गांव खतरे में है।
-अशोक कुमार, नायब तहसीलदार, कटौला
000
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed