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Mandi News: खौफ के साए में कटी प्रभावित परिवारों की रात
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। नेरघरवासड़ा पंचायत के नेर-कुडनी गांव में बुधवार को हुए भयंकर भू-स्खलन के बाद प्रभावित परिवारों की रातें डर और चिंता के साए में बीत रही हैं। लोग सोते हुए बार-बार आवाजें सुनकर जाग जाते हैं और बेचैनी के चलते उठकर बैठ जाते हैं।
वीरवार को भी लोग अपने घरों से सामान निकालते देखे गए, वहीं महिलाएं अपने क्षतिग्रस्त मकानों को देख-देख कर सिसकती रहीं। बुजुर्ग महिला ब्रह्मी देवी ने बताया कि उन्होंने कई लोगों से मदद मांगी, लेकिन कोई सहायता के लिए नहीं आया। छोटू राम के पिता जो पत्थर तोड़ने का काम करते थे, उन्होंने खून-पसीने से मकान बनाया था, अब क्षतिग्रस्त देखकर विश्वास नहीं हो रहा है।
वीना देवी ने कहा कि उनके पति लाहौल में काम के लिए गए हुए हैं, इसलिए वे अकेले घर से सामान निकालने में असमर्थ हैं और वह अपने रिश्तेदार के घर पर ठहरी हुई हैं। सुनील, गोपाल सिंह, सागर चंद और जसवंत सिंह ने बताया कि वे रात को घर छोड़कर केवल टार्च और मोबाइल लेकर निकले, बाकी सारा सामान वहीं रह गया। वार्ड सदस्य किरण देवी ने कहा कि वे प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद कर रही हैं। भू-स्खलन के कारण मझारनू-बस्सी मार्ग वीरवार को भी पूरी तरह बंद रहा। संवाद
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वीरवार को भी लोग अपने घरों से सामान निकालते देखे गए, वहीं महिलाएं अपने क्षतिग्रस्त मकानों को देख-देख कर सिसकती रहीं। बुजुर्ग महिला ब्रह्मी देवी ने बताया कि उन्होंने कई लोगों से मदद मांगी, लेकिन कोई सहायता के लिए नहीं आया। छोटू राम के पिता जो पत्थर तोड़ने का काम करते थे, उन्होंने खून-पसीने से मकान बनाया था, अब क्षतिग्रस्त देखकर विश्वास नहीं हो रहा है।
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वीना देवी ने कहा कि उनके पति लाहौल में काम के लिए गए हुए हैं, इसलिए वे अकेले घर से सामान निकालने में असमर्थ हैं और वह अपने रिश्तेदार के घर पर ठहरी हुई हैं। सुनील, गोपाल सिंह, सागर चंद और जसवंत सिंह ने बताया कि वे रात को घर छोड़कर केवल टार्च और मोबाइल लेकर निकले, बाकी सारा सामान वहीं रह गया। वार्ड सदस्य किरण देवी ने कहा कि वे प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद कर रही हैं। भू-स्खलन के कारण मझारनू-बस्सी मार्ग वीरवार को भी पूरी तरह बंद रहा। संवाद
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