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प्रशिक्षण कार्यशाला में शिक्षक और विभागीय अधिकारी में बहस
मंडी
Updated Thu, 22 Sep 2016 10:46 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मंडी। सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) मंडी में वीरवार को आयोजित बीआरसी और आरपी की सामान्य प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान शिक्षक व विभागीय अधिकारी उलझ पड़े। हालांकि कुछ देर में ही बहसबाजी होने के बाद मामला शांत हो गया। बताया जा रहा है कि डाइट में जिला के 20 शिक्षा खंडों के बीआरसी और आरपी को एक दिन के प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। विभागीय दिशा निर्देश अनुसार उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इस बीच अकाउंट से संबंधित जानकारी भी संबंधित अधिकारी द्वारा दी जानी लगी।
इस पर कुछ शिक्षकों ने आपत्ति जताई। शिक्षकों का तर्क था कि हर काम शिक्षक पर थोपना उचित नहीं है। इससे बहसबाजी शुरू हो गई। बाद में अन्य शिक्षकों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। वहीं, जिला स्तर पर शिक्षक को एक दिन की ट्रेनिंग देने के बाद खंड स्तर पर पांच दिन की ट्रेनिंग करवाने का भी विरोध किया गया। शिक्षकों का कहना है कि बार-बार ट्रेनिंग करवाने से अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। इस बारे में एसएसए के जिला परियोजना अधिकारी हेमंत शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को ट्रेनिंग का नए मोड्यूल समझ नहीं आ रहा था, इस बात को लेकर बहस हुई। लेकिन फिर शिक्षकों को पूरा बात समझाई गई है। वहीं, उच्च शिक्षा उपनिदेशक अशोक शर्मा ने कहा कि मामला ध्यान में नहीं है। इस बारे में पूछताछ की जाएगी।
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इस पर कुछ शिक्षकों ने आपत्ति जताई। शिक्षकों का तर्क था कि हर काम शिक्षक पर थोपना उचित नहीं है। इससे बहसबाजी शुरू हो गई। बाद में अन्य शिक्षकों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। वहीं, जिला स्तर पर शिक्षक को एक दिन की ट्रेनिंग देने के बाद खंड स्तर पर पांच दिन की ट्रेनिंग करवाने का भी विरोध किया गया। शिक्षकों का कहना है कि बार-बार ट्रेनिंग करवाने से अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। इस बारे में एसएसए के जिला परियोजना अधिकारी हेमंत शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को ट्रेनिंग का नए मोड्यूल समझ नहीं आ रहा था, इस बात को लेकर बहस हुई। लेकिन फिर शिक्षकों को पूरा बात समझाई गई है। वहीं, उच्च शिक्षा उपनिदेशक अशोक शर्मा ने कहा कि मामला ध्यान में नहीं है। इस बारे में पूछताछ की जाएगी।
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