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तूफान से घरों की छतें उड़ीं, ओलावृष्टि से फसलें तबाह

Fri, 07 Apr 2017 11:18 PM IST
मंडी
मंडी Updated Fri, 07 Apr 2017 11:18 PM IST
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strom ruined crops and home
कटौला पंचायत के ग्राम पंचायत टिहरी में तूफान से उड़ी रिहायशी मकान की छत। - फोटो : अमर उजाला

मंडी/कटौला/सरकाघाट/बरोट। जिले के दुर्गम क्षेत्रों में वीरवार देर शाम और रात को तूफान व ओलावृष्टि ने खूब तबाही मचाई। कटौला क्षेत्र के तहत सनवाड़ पंचायत से सटे जंगल में रई का पेड़ गिरने से 15 भेड़ों की मौत हो गई।

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जानकारी के अनुसार गोविंद राम वीरवार देर शाम भेड़ों को चरा कर घर लौट रहा था। इसी दौरान तूफान और बारिश से बचने के लिए उसने भेड़ों को एक पेड़ के नीचे खड़ा किया। भेड़ों के पेड़ के नीचे एकत्र होने के कुछ ही देर बाद यह पेड़ भेड़ों पर गिर गया। जिससे भेड़ों की मौत हो गई। सनवाड़ पंचायत के प्रधान जगदीश चंद ने सरकार से प्रभावित परिवार से उचित मुआवजे की मांग की है। उधर, पटवारी बथेरी चेत राम ने मौके का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार प्रभावित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।
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उधर, उत्तरशाल की ग्राम पंचायत टिहरी के मरोगी गांव में तूफान से रतन चंद पुत्र डोले राम के मकान की छत उड़ गई। पंचायत प्रधान हेम चंद ने अपनी ओर से प्रभावित परिवार को दो हजार रुपये की राहत प्रदान की है। उधर, कटौला पंचायत के काननूगो मणी चंद और पटवारी हलका कटौला देवकी नंदन ने कहा कि परिवार को तिरपाल प्रदान किया गया है। परिवार को नियमानुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी। उधर, द्रंग हलके की चौहारघाटी में तूफान से एक रिहायशी मकान की छत उड़ गई। जिससे प्रभावित परिवार खुले आसमान तले रातें काटने को मजबूर हो गया है। वहीं अंधड़ से फलदार पौधों सहित गंदम और जौ की फसल भी पूरी तरह तबाह हुई है। चौहारघाटी की सुधार पंचायत के करसेहड़ गांव निवासी जोगिंद्र सिंह पुत्र दुगलू राम के चार कमरों के रिहायशी मकान की पूरी छत तूफान से उड़ गई। जिससे पूरा परिवार खुले आसमान तले आ गया है। हल्का पटवारी बलवंत सिंह और पंचायत उपप्रधान देश राज ने मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तहसील कार्यालय को प्रेषित कर दी है। प्रभावित परिवार को करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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निचले इलाके में भी तूफान से फलदार पौधों आम, लीची, नाशपाती, पलम, आडू़, जौ की फसल को खासा नुकसान हुआ है। वहीं, चीड़ के भी दर्जनों पेड़ जमींदोज हुए हैं। किसानों ने प्रशासन से फसलों और फलदार पौधों के हुए नुकसान का जायजा लेकर उचित मुआवजा मुहैया करवाने की मांग की है। उधर, बरोट, लपास, बरधान, थलटूखोड़, पंचायतों के लगभग सभी गांवों में भारी ओलावृष्टि से जौ, गेहूं, लहसुन, मटर की फसलों की भारी नुकसान हुआ है। बरोट पंचायत के पूर्व प्रधान सुभाष ने कहा कि उनकी 12 बीघा जमीन में मटर की पूरी फसल ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई है। सरकाघाट उपमंडल के तहत भारी बारिश और आंधी से पेड़ उखड़े हैं। इसके अलावा ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। चोलथरा पंचायत के लतेहड़ा गांव में भी तूफान से पेड़ जड़ों से उखड़ गए। हिमाचल किसान सभा के गोपालपुर विकास खंड के अध्यक्ष मुनीष शर्मा ने सरकार से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को राहत देने की मांग उठाई है।

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