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Mandi News: भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर 17 अगस्त को होगा राज्य अधिवेशन
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प्रभावितों के मुद्दों पर बनाई जाएगी संघर्ष की रूपरेखा : किसान सभा
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। हिमाचल किसान सभा 17 अगस्त को भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर मंडी में राज्य स्तरीय अधिवेशन करवाएगी। इसमें प्रभावितों के मुद्दों पर आगामी संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी।
राज्य कमेटी सदस्य जोगिंद्र वालिया ने बताया कि राज्यभर में राष्ट्रीय उच्च मार्ग के लिए सड़क निर्माण, हाइडल प्रोजेक्टों, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट विस्तार, टावर लाइन और अन्य निर्माण कार्यों के लिए किसानों की जमीनें अधिगृहीत की जा रही हैं, लेकिन खेद की बात है कि कहीं भी भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू नहीं किया जा रहा।
फैक्टर 2 के अनुरूप चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, न ही अन्य प्रावधानों को भी लागू किया जा रहा है। उल्टा न्यायालय में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कहा कि भूमि अधिग्रहण और उसके निर्माण कार्यों से प्रभावित बिजली, संपर्क सड़कों, टनल के कारण मकानों का नुकसान, सर्विस रोड न होना, पैदल रास्ते, बावड़ियां, कुएं, हैंडपंप, ओवर ब्रिज, अंडर पास न होने के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वहीं, अधिगृहीत भूमि के बाहर की मकान भूमि पर होने वाले जमीन, फसलों के नुकसान, स्थानीय लोगों को रोजगार आदि मुद्दों का समाधान नहीं किया जा रहा है। किसान सभा ने अन्य प्रभावित संगठनों से मिलकर स्थानीय स्तर पर इन सब मुद्दों पर संघर्ष किया है। अब पूरे राज्य में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को लामबंद कर 17 अगस्त को मंडी में एक राज्य स्तरीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रभावितों के मुद्दों पर चर्चा करते हुए संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी।
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नेरचौक (मंडी)। हिमाचल किसान सभा 17 अगस्त को भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर मंडी में राज्य स्तरीय अधिवेशन करवाएगी। इसमें प्रभावितों के मुद्दों पर आगामी संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी।
राज्य कमेटी सदस्य जोगिंद्र वालिया ने बताया कि राज्यभर में राष्ट्रीय उच्च मार्ग के लिए सड़क निर्माण, हाइडल प्रोजेक्टों, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट विस्तार, टावर लाइन और अन्य निर्माण कार्यों के लिए किसानों की जमीनें अधिगृहीत की जा रही हैं, लेकिन खेद की बात है कि कहीं भी भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू नहीं किया जा रहा।
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फैक्टर 2 के अनुरूप चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, न ही अन्य प्रावधानों को भी लागू किया जा रहा है। उल्टा न्यायालय में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कहा कि भूमि अधिग्रहण और उसके निर्माण कार्यों से प्रभावित बिजली, संपर्क सड़कों, टनल के कारण मकानों का नुकसान, सर्विस रोड न होना, पैदल रास्ते, बावड़ियां, कुएं, हैंडपंप, ओवर ब्रिज, अंडर पास न होने के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वहीं, अधिगृहीत भूमि के बाहर की मकान भूमि पर होने वाले जमीन, फसलों के नुकसान, स्थानीय लोगों को रोजगार आदि मुद्दों का समाधान नहीं किया जा रहा है। किसान सभा ने अन्य प्रभावित संगठनों से मिलकर स्थानीय स्तर पर इन सब मुद्दों पर संघर्ष किया है। अब पूरे राज्य में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को लामबंद कर 17 अगस्त को मंडी में एक राज्य स्तरीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रभावितों के मुद्दों पर चर्चा करते हुए संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी।
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