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Mandi News: एसपी मैम, गागल-सकरोहा पंचायत में 22 युवा चिट्टे के सेवन में हैं संलिप्त

Sat, 22 Feb 2025 11:42 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2025 11:42 AM IST
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SP Ma'am, 22 youth in Gagal-Sakroha Panchayat are involved in the consumption of Chitta.
गोड़ा गागल पंचायत में लोगों से संवाद करती है एसपी साक्षी वर्मा।
बैहना (मंडी)। एसपी मैम, बल्ह में चिट्टे से पंचायतों में हालात खराब हो रहे हैं। पांच दिन में गागल और सकरोहा पंचायत के 20 से 22 लड़के चिट्टे के सेवन को लेकर ट्रेस किए हैं। गागल में आयोजित नशे के खिलाफ पुलिस जागरूकता कार्यक्रम में यह बात गोड़ा गागल पंचायत के उपप्रधान सोनू सकलानी ने कही। पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा और डीएसपी दिनेश कुमार की अध्यक्षता में हुए जागरूकता कार्यक्रम में 12 पंचायतों के प्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं और महिला मंडलों की सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें पंचायतों में बढ़ रहे चिट्टे के प्रचलन का मुद्दा रखा।
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कैहड़ पंचायत के उपप्रधान चंद्र प्रकाश ने कहा कि मैडम पुलिस सिविल ड्रेस में गश्त करे। वर्दी देखकर तस्कर फरार हो रहे हैं। पुलिस जब गश्त पर जाए तो सायरन और लाल बत्ती बंद रहे। इसे देखकर तस्कर चौकन्ना हो रहे हैं। इससे वे पकड़ में नहीं आ रहे हैं। कई पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग उठाई कि अगर कोई एक ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा जाए तो उसको जमानत नहीं मिलनी चाहिए।
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पंचायत प्रतिनिधियों की बात सुनकर एसपी मंडी ने कहा कि हिमाचल में चिट्टा बाहर से आ रहा है। लोग पुलिस पर विश्वास करें। पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है। चिट्टे का धंधा करने वालों की सूचना दें ताकि उन पर शिकंजा कसा जा सके। माता-पिता बच्चों को जागरूक करें और समझाएं। उन्हें बताएं कि चिट्टा जानलेवा है। इससे दूर रहें। ड्रग्स फ्री हिमाचल एप में नशा तस्करों की जानकारी पुलिस को दें तथा यह जानकारी पूरी तरह से गुप्त रहती है।
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दायित्व समझें प्रतिनिधि तो बनेगी बात
पंचायत में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य और महिला मंडल को हर घर की जानकारी होती है कि किसका बच्चा क्या कर रहा है। अगर वे दायित्व समझें और चिट्टा बेचने वालों की सूचना पुलिस को दें तो काफी हद तक इसे रोक सकते हैं। माता-पिता अपने बच्चों का फोन चेक करें कि वे क्या कर रहे हैं। महिलाएं भी एक दूसरे के बच्चे पर नजर रखें।
-दिनेश कुमार, डीएसपी
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पिछले पांच दिनों से पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से पहरा दे रहे हैं। पुलिस को गाड़ी नंबर और अवैध धंधा करने वालों की जानकारी दी है। बैहना से लेकर बग्गी तक सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिएं ताकि संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर नजर रखी जा सके।
-सोनू सकलानी, उपप्रधान, गोड़ा गागल पंचायत
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चिट्टा बेचने वालों से एक ग्राम मिले या पांच ग्राम, उनकी जमानत नहीं होनी चाहिए। माता-पिता अपने बच्चों पर नजर रखें। अगर वह चिट्टे का आदी हो गया है तो उसे सुधारें।
-विजय कुमार, प्रधान, चंडयाल

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मां-बाप अपने बच्चों की जिम्मेदारी समझें और उनसे पूछें कि रात को वे कहां जा रहे हैं। अगर कोई बच्चा बिगड़ गया है तो पंचायत को बताएं, हम उसे सुधारने की कोशिश करेंगे।

-चंद्र प्रकाश, उपप्रधान, कैहड़ पंचायत
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पुलिस थाना और चौकी में स्टाफ बढ़ाया जाए। आमजन भी पुलिस का सहयोग करें तभी चिट्टा खत्म हो सकता है। लोगों की सामूहिक भागीदारी भी इसमें आवश्यक है। गागल चौकी में पुलिस स्टाफ बढ़ाया जाए, पुलिस कर्मियों को गाड़ी उपलब्ध करवाई जाए।
-कृष्ण भानु, पार्षद, बैहना वार्ड
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